श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती और दान प्रबंधन व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। ट्रस्ट ने दान की गिनती में लगे 36 पुराने कर्मचारियों को हटाते हुए नई व्यवस्था लागू कर दी है। ट्रस्ट का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य चढ़ावे की गिनती को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और जवाबदेह बनाना है।
जानकारी के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत दान की गिनती की पूरी प्रक्रिया को नए कर्मचारियों और तय मानकों के अनुसार संचालित किया जाएगा। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि चढ़ावे की गिनती पहले की तरह सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों की निगरानी में ही होगी, ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
राम मंदिर में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और नकद, आभूषण सहित विभिन्न प्रकार के दान अर्पित करते हैं। ऐसे में बढ़ते चढ़ावे को देखते हुए ट्रस्ट समय-समय पर व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहा है। इसी क्रम में दान प्रबंधन प्रणाली में यह बदलाव किया गया है।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि यह एक नियमित प्रशासनिक निर्णय है, जिसका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि व्यवस्था को अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बनाना है। नई टीम को निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट के इस फैसले को मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यदि आवश्यकता हुई तो दान प्रबंधन से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं में भी सुधार और तकनीकी बदलाव किए जा सकते हैं।
