पंजाब ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को कक्षा 1 से 12 तक मुख्य विषय के रूप में शामिल करने वाला देश का पहला राज्य बनने का दावा किया है। राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस पहल की घोषणा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य छात्रों को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करना और उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाना है।
इस महत्वाकांक्षी योजना को ‘सरबत.AI’ परियोजना के तहत चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में कक्षा 8 से 12 तक के विद्यार्थियों को कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रम के साथ AI की पढ़ाई कराई जाएगी। इसके लिए लाइव ऑनलाइन कक्षाएं, रिकॉर्डेड लेक्चर, प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षण, सतत मूल्यांकन और एक समर्पित लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) का उपयोग किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में कक्षा 1 से 7 तक के छात्रों के लिए आयु-उपयुक्त AI पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा।
सरकार के अनुसार, इस पहल का लाभ राज्य के लगभग 31.5 लाख छात्रों और 25 हजार से अधिक स्कूलों को मिलेगा। पाठ्यक्रम तैयार करते समय अंतरराष्ट्रीय शिक्षा मॉडल और AI के वैश्विक मानकों का अध्ययन किया गया है, ताकि विद्यार्थियों को केवल तकनीक का उपयोग ही नहीं, बल्कि उसका जिम्मेदार और नैतिक इस्तेमाल भी सिखाया जा सके।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब ने हरित क्रांति में देश का नेतृत्व किया था और अब राज्य का लक्ष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्रांति में अग्रणी बनना है। उनका कहना है कि AI शिक्षा छात्रों में नवाचार, रचनात्मक सोच, समस्या-समाधान क्षमता और भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो अन्य राज्य भी अपने स्कूल पाठ्यक्रम में AI को शामिल करने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। ऐसे में पंजाब की यह पहल देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी बदलाव की नई शुरुआत साबित हो सकती है।
