शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता सुखबीर सिंह बादल को 8 साल पुराने मानहानि मामले में अदालत से एक बार फिर पेशी से छूट मिल गई है। उन्होंने अमृतसर में पार्टी की अहम बैठक में शामिल होने का हवाला देते हुए अदालत में हाजिरी से छूट मांगी थी, जिसे न्यायाधीश ने स्वीकार कर लिया।
जानकारी के अनुसार, यह मामला वर्ष 2017 का है, जब धार्मिक संगठन अखंड कीर्तनी जत्था के प्रवक्ता राजिंदर पाल सिंह ने सुखबीर बादल के खिलाफ मानहानि का केस दायर किया था। आरोप है कि बादल ने जत्थे को लेकर मीडिया में विवादित बयान दिया था, जिसके बाद यह कानूनी कार्रवाई शुरू हुई।
हाल ही में इस मामले में दो महीने पहले अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी किए थे और उनकी जमानत भी रद्द कर दी गई थी। इसके बाद पिछले महीने सुखबीर बादल ने अदालत में पेश होकर आत्मसमर्पण किया था। उनकी पिछली पेशी 2 फरवरी को हुई थी, जबकि अगली सुनवाई 16 फरवरी को निर्धारित की गई थी।
ताजा घटनाक्रम में उनके वकील ने अदालत को बताया कि अमृतसर में अकाली दल की महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित है, जिसमें उनकी मौजूदगी आवश्यक है। इस आधार पर पेशी से छूट की मांग की गई, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।
मामले की अगली सुनवाई अब निर्धारित तिथि पर होगी। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और कानूनी हलकों में एक बार फिर इस पुराने मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

