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दिल्ली में अवैध बकरा बाजार पर एक्शन, MCD ने नेहरू हिल पार्क की परमिशन रद्द की

दिल्ली में बकरीद से पहले लगाए जा रहे बकरा बाजार को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। राजधानी के रामलीला मैदान स्थित नेहरू हिल पार्क में लगाए जा रहे कथित अवैध बकरा बाजार की अनुमति अब रद्द कर दी गई है। इस मामले में शिकायत मिलने के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने कार्रवाई करते हुए पार्क का आवंटन निरस्त कर दिया।

जानकारी के अनुसार, इस मामले को लेकर बीजेपी नेता अमित गुप्ता ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्क में अवैध तरीके से बकरा बाजार लगाया जा रहा था और निगम अधिकारियों पर दबाव बनाकर आवंटन रसीद जारी करवाई गई। शिकायत में यह भी कहा गया कि जारी की गई रसीद में कहीं भी बकरा बाजार का उल्लेख नहीं था, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए।

शिकायत के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके बाद MCD ने जांच कर नेहरू हिल पार्क की अनुमति रद्द कर दी। इस फैसले के बाद इलाके में चल रहा विवाद और तेज हो गया है।

प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि दिल्ली गेट वार्ड के माता सुंदरी रोड इलाके में कुछ असामाजिक तत्वों के दबाव में पार्क को एक कथित फर्जी RWA के नाम आवंटित किया गया था। आरोपों के मुताबिक, 8 मई से पार्क में बकरों को बांधकर बाजार लगाया जाने लगा था, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई।

इस मामले में यह भी दावा किया गया कि हॉर्टिकल्चर विभाग ने पहले दो बार संबंधित थाने में शिकायत देकर पार्क से अवैध कब्जा हटाने की कोशिश की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में कथित तौर पर दबाव बनाकर पार्क का अस्थायी आवंटन कर दिया गया।

बीजेपी नेता अमित गुप्ता ने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक आले मोहम्मद के दबाव में MCD ने करीब 1 लाख 7 हजार रुपये लेकर 21 से 27 मई तक के लिए पार्क आवंटित किया। उन्होंने कहा कि पिछले 70 वर्षों में इस मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र में कभी भी नेहरू हिल पार्क में बकरा बाजार नहीं लगाया गया। ऐसे में सार्वजनिक स्थल पर इस तरह का बाजार लगाने का फैसला गलत है।

अमित गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार पहले ही सार्वजनिक स्थानों पर जानवरों की कुर्बानी और अव्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपना चुकी है। ऐसे में पार्क का आवंटन स्थानीय नागरिकों की भावनाओं के खिलाफ था। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की शिकायत के बाद ही मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की गई थी।

फिलहाल MCD द्वारा पार्क की अनुमति रद्द किए जाने के बाद इलाके में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। वहीं इस पूरे मामले ने बकरीद से पहले राजधानी में सार्वजनिक स्थलों के उपयोग और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

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