पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सोमवार को अपने परिवार के साथ बिहार की राजधानी पटना पहुंचे, जहां उन्होंने तख्त श्री हरमंदिर जी साहिब में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने दरबार साहिब में बैठकर शबद कीर्तन सुना और लंगर ग्रहण किया। मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा परिसर के विभिन्न धार्मिक स्थलों का भी दौरा किया और देश-दुनिया में शांति, भाईचारे और मानव कल्याण के लिए अरदास की।
पटना साहिब पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री मान ने कहा कि वह खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें गुरु गोविंद सिंह जी महाराज की पावन जन्मस्थली पर दर्शन करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यह स्थान सिर्फ सिख समुदाय ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए आस्था और प्रेरणा का केंद्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अत्याचार के खिलाफ संघर्ष की शुरुआत भी इसी धरती से हुई थी और गुरु साहिब की शिक्षाएं आज भी लोगों को मानवता और सेवा का संदेश देती हैं।
गुरुद्वारा प्रबंध समिति की ओर से मुख्यमंत्री भगवंत मान का विशेष स्वागत किया गया। दरबार साहिब में ग्रंथियों द्वारा उन्हें सिरोपा पहनाकर सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रबंध समिति के अध्यक्ष जगजोत सिंह सोही, महासचिव इंदरजीत सिंह, उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह और प्रवक्ता सुदीप सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बाल लीला गुरुद्वारा और गुरु का बाग गुरुद्वारा में भी मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। उनके दौरे को लेकर पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी।
पटना दौरे के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा को अन्य राजनीतिक दलों को तोड़ने और नेताओं की खरीद-फरोख्त करने की राजनीति बंद करनी चाहिए और देश के विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब में भाजपा के पास बहुत कम विधायक हैं, इसके बावजूद वह राजनीतिक समीकरण बदलने की कोशिश कर रही है।
मुख्यमंत्री ने पंजाब में शुरू होने वाली एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में चुनाव आयोग को किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं करने दी जाएगी और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से कराई जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री की ईंधन बचाने वाली अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश की ऊर्जा और संसाधनों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा करने से बचना चाहिए।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस दौरे को धार्मिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर उन्होंने गुरु घर में माथा टेककर आस्था जताई, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार और भाजपा की नीतियों पर खुलकर अपनी बात भी रखी।

