R Praggnanandhaa ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी Magnus Carlsen को हराकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारतीय युवा ग्रैंडमास्टर की इस जीत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय शतरंज जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
यह खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि प्रज्ञानानंदा ने केवल सात दिनों के भीतर दूसरी बार कार्लसन को मात दी है। लगातार दो जीतों ने यह दिखाया है कि भारतीय खिलाड़ी अब दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शतरंज खिलाड़ियों को कड़ी चुनौती देने की क्षमता रखते हैं।
मैच के दौरान प्रज्ञानानंदा ने धैर्य और बेहतरीन रणनीति का प्रदर्शन किया। उन्होंने शुरुआत से ही मजबूत खेल दिखाया और महत्वपूर्ण मौकों पर सही चालें चलकर कार्लसन पर दबाव बनाए रखा। अंत में उनकी रणनीति सफल रही और उन्होंने विश्व नंबर-1 खिलाड़ी के खिलाफ यादगार जीत दर्ज की।
भारतीय शतरंज के लिए यह उपलब्धि काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे पहले भारतीय शतरंज के दिग्गज Viswanathan Anand भी कार्लसन को बड़े टूर्नामेंटों में हराने में सफल रहे थे। अब प्रज्ञानानंदा ने भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए इस सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है।
प्रज्ञानानंदा की इस जीत पर देशभर से उन्हें बधाइयां मिल रही हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी लगातार शानदार फॉर्म भारतीय शतरंज के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। युवा खिलाड़ी की यह सफलता आने वाली पीढ़ी के शतरंज खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

