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गुलियन-बैरे सिंड्रोम का असर पुणे में बढ़ा, 5 नए केस के साथ कुल 163 मरीज

महाराष्ट्र में ‘गुलियन बैरे सिंड्रोम’ (GBS) के मामलों की संख्या बढ़कर 163 हो गई है, जिसमें हाल ही में पुणे में पांच नए संक्रमित मरीज सामने आए हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अब तक इस दुर्लभ तंत्रिका संबंधी बीमारी से पांच लोगों की जान जा चुकी है।

अधिकारी के अनुसार, ‘‘पांच नए मामले दर्ज किए गए हैं, हालांकि सोमवार को किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई। अब तक 127 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि संदिग्ध मरीजों की संख्या 163 हो गई है। इन मामलों में पुणे शहर से 32, हाल ही में नगर निगम में जोड़े गए नए गांवों से 86, पिंपरी चिंचवड से 18, पुणे ग्रामीण क्षेत्र से 19 और अन्य जिलों से आठ मरीज शामिल हैं।’’

उन्होंने आगे बताया कि 163 संक्रमितों में से अब तक 47 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है, 47 आईसीयू में भर्ती हैं और 21 वेंटिलेटर पर हैं।

बीमारी के संभावित कारणों की जांच के लिए पुणे के विभिन्न इलाकों से पानी के 168 नमूने एकत्र किए गए और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला में उनके रासायनिक व जैविक परीक्षण किए गए। जांच में पाया गया कि आठ जल स्रोतों के नमूने दूषित थे।

GBS क्या है?

गुलियन बैरे सिंड्रोम (GBS) एक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल विकार है, जिसमें शरीर के अंग सुन्न पड़ने लगते हैं और मांसपेशियों में कमजोरी आ जाती है। इसके कारण हाथ-पैरों में अत्यधिक कमजोरी महसूस होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बीमारी दूषित भोजन और पानी में मौजूद ‘कैम्पिलोबैक्टर जेजुनी’ नामक बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण हो सकती है।

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