कानपुर से लखनऊ यात्रा करने वालों के लिए एक खुशखबरी है। मार्च तक लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर वाहनों का संचालन शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। निर्धारित समय से पहले ही इसे खोलने की योजना बनाई जा रही है। अब तक इस एक्सप्रेसवे का लगभग 80% कार्य पूरा हो चुका है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) का कहना है कि शेष 20% काम को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। अनुमान लगाया जा रहा है कि मार्च तक इस एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।
कानपुर और लखनऊ के लोग इस एक्सप्रेसवे के उद्घाटन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इसके शुरू होते ही जाम की समस्या से राहत मिलेगी। यह एक्सप्रेसवे सफर को बेहद सुगम बना देगा, जिससे 120 किलोमीटर की दूरी मात्र 45 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इसके अलावा, NHAI ने यह भी जानकारी दी है कि अप्रैल महीने में लखनऊ-कानपुर एलिवेटेड रोड को भी शुरू कर दिया जाएगा, जबकि इस पूरे प्रोजेक्ट को जून 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
एक्सप्रेसवे का 20% कार्य शेष
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे में 18 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड सेक्शन और 45 किलोमीटर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर शामिल है। एलिवेटेड सेक्शन का काम पूरा हो चुका है, जबकि ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का 20% कार्य शेष है। इसे जल्द से जल्द पूरा करने के लिए NHAI ने संबंधित निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए हैं। इस एक्सप्रेसवे को 4,700 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है।
हर दिन लगभग 12,000 यात्री कानपुर से लखनऊ की ओर सफर करते हैं। एक्सप्रेसवे बन जाने के बाद उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। आज, 14 फरवरी को, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी इस प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा करने के लिए स्थल का दौरा करेंगे। वे 63 किलोमीटर लंबे इस हाईवे की स्थिति की रिपोर्ट का जायजा लेंगे। अगर जांच के बाद सब कुछ सही पाया जाता है, तो सबसे पहले हल्के वाहनों को परीक्षण के रूप में इस एक्सप्रेसवे पर चलाने की अनुमति दी जाएगी। पूर्ण रूप से तैयार होने के बाद इसे सभी वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे न केवल दैनिक यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।

