नई दिल्ली से प्रयागराज महाकुंभ के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के कारण अचानक भगदड़ मच गई, जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा 15 फरवरी की रात प्लेटफॉर्म नंबर 14 और 15 पर हुआ। घटना का कारण उस वक्त बढ़ी हुई भीड़ और कुछ व्यवधानों के कारण उत्पन्न हुई अराजक स्थिति थी।
घटना के बाद रेलवे मंत्रालय ने मामले की गहन जांच के लिए एक दो सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति में पीसीसीएम (प्रीफेक्ट चीफ कंट्रोलमेंट मैनेजर) उत्तर रेलवे नरसिंह देव और पीसीएससी (प्रमुख सुरक्षा नियंत्रक) उत्तर रेलवे पंकज गंगवार शामिल हैं। इस समिति का मुख्य उद्देश्य नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई इस भगदड़ के कारणों की जांच करना है और यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी स्थिति भविष्य में ना बने।
समिति ने स्टेशन के सभी सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है, ताकि घटना के कारणों का सही-सही पता लगाया जा सके। इसके अलावा, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार ने घटना स्थल का दौरा किया और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
घटना के बारे में जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार, घटना रात करीब 8:30 बजे हुई, जब प्रयागराज की ओर जाने वाली दो ट्रेनों के यात्री प्लेटफॉर्म पर इंतजार कर रहे थे। इन ट्रेनों के देरी से आने के कारण प्लेटफॉर्म पर भीड़ बढ़ गई। इसके अलावा, टिकटों की बिक्री भी एक बड़ी वजह रही, क्योंकि हर घंटे लगभग 1,500 सामान्य टिकटों की बिक्री हो रही थी, जिससे स्टेशन पर और भी अधिक भीड़ जमा हो गई। साथ ही, प्लेटफॉर्म बदलने के बारे में की गई गलत घोषणा ने यात्रियों के बीच भ्रम पैदा किया और यह भगदड़ का कारण बना।
इस हादसे में मृतकों के परिवारों को रेलवे की तरफ से 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, गंभीर रूप से घायलों को 2.5 लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों को 1 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। यह मुआवजा रेलवे द्वारा तत्काल घोषित किया गया है।
इस घटना के कारणों की जांच अभी जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ट्रेनों की देरी और अन्य व्यवस्थाओं के कारण स्टेशन पर यह अराजक स्थिति क्यों उत्पन्न हुई। रेलवे प्रशासन इस बात पर भी ध्यान दे रहा है कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्टेशन पर यात्री सुरक्षा और यात्री सुविधाओं में सुधार किया जाए।

