आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की समस्याएं बढ़ गई हैं। सत्येंद्र जैन के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग को लेकर भेजी गई फाइल पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।
60 वर्षीय जैन के खिलाफ गृह मंत्रालय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 218 के तहत मुकदमा चलाने की अनुमति देने के लिए अनुरोध किया था। सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय ने ईडी की जांच और ‘पर्याप्त सबूतों’ के आधार पर राष्ट्रपति से यह स्वीकृति प्राप्त करने का अनुरोध किया था।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने सत्येंद्र जैन के खिलाफ हवाला सौदों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में मामला दर्ज किया और मई 2022 में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। जैन फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर हैं, और ईडी ने उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।
मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला अगस्त 2017 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा जैन और अन्य के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में दर्ज की गई प्राथमिकी से जुड़ा हुआ है। सीबीआई ने दिसंबर 2018 में आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसमें कहा गया था कि जैन की आय से अधिक संपत्ति लगभग 1.47 करोड़ रुपये थी, जो 2015-17 के दौरान उनकी ज्ञात आय से लगभग 217 प्रतिशत अधिक थी।

