रांची: झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा तथा पान मसाला के निर्माण, भंडारण, बिक्री और वितरण पर एक बार फिर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति की समीक्षा के बाद इस प्रतिबंध की अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। इस आदेश के तहत अब राज्य में कोई भी व्यक्ति गुटखा और पान मसाला न तो खरीद सकेगा और न ही बेच सकेगा।
सरकार का सख्त फैसला: पूरे साल रहेगा पान मसाला और गुटखे पर बैन
पहले, 2020 में झारखंड सरकार ने कुछ विशेष ब्रांडों के गुटखा और पान मसाला पर रोक लगाई थी। लेकिन इस बार, सरकार ने सभी प्रकार के तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने आधिकारिक आदेश जारी किया है। इसके अलावा, सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे मीडिया के माध्यम से इस फैसले की व्यापक जानकारी जनता तक पहुंचाएं।
प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर होगी कड़ी कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति तंबाकू या निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला बेचते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि यह प्रतिबंध मुख्य रूप से युवाओं के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने और उन्हें तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए लगाया गया है।
राज्य में बढ़ते कैंसर मामलों पर सरकार की चिंता
विश्व कैंसर दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने राज्य में मुंह के कैंसर के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने बताया कि झारखंड में प्रति एक लाख लोगों में से लगभग 70 लोग कैंसर से पीड़ित हैं, जिनमें से 40-45 मरीजों को मुंह का कैंसर है। इसका मुख्य कारण गुटखा और तंबाकू का अधिक सेवन है। इसी को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने सभी सिविल सर्जनों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस प्रतिबंध को सख्ती से लागू करें और जनता को तंबाकू के नुकसान के बारे में जागरूक करें।
झारखंड सरकार का यह कदम राज्य के नागरिकों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम में मदद करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

