कुशीनगर जिले के चौराखास क्षेत्र के दूबे पट्टी गांव के पास पथरदेवा-जौराबाजार मार्ग पर बुधवार तड़के पुलिस की संयुक्त टीम और गो-तस्करों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक तस्कर के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया।
तस्कर की पहचान और बरामदगी
घायल तस्कर की पहचान रूस्तम, निवासी डूमरी टोला सिसवा महंथ, कसया के रूप में हुई है। उसके पास से एक तमंचा और तीन कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस ने उसे तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं, तस्करों द्वारा इस्तेमाल की जा रही पिकअप से छह गोवंश बरामद किए गए हैं, जिन्हें सुरक्षित गोआश्रय स्थल भेज दिया गया है।
कैसे हुई मुठभेड़?
चौराखास थाना प्रभारी विद्याधर कुशवाहा बुधवार तड़के करीब तीन बजे गश्त पर थे। उसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि गोवंश की तस्करी कर कुछ तस्कर देवरिया के पथरदेवा से जौरा बाजार की ओर जा रहे हैं। उन्होंने तुरंत उच्चाधिकारियों को सूचित कर दूबे पट्टी गांव के पास घेराबंदी शुरू कर दी। इस दौरान पटहेरवा थाना और स्वाट टीम भी मौके पर पहुंच गई।
कुछ देर बाद गोरखपुर जिले के नंबर की एक तेज रफ्तार पिकअप आती दिखी। पुलिस टीम ने उसे रोकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और वाहन को तेज गति से भगाने लगा। पुलिस ने पीछा किया तो एक व्यक्ति गाड़ी से उतरकर पीआरके मेमोरियल स्कूल की ओर भागते हुए फायरिंग करने लगा। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें रूस्तम के दाहिने पैर में गोली लग गई और वह गिर पड़ा।
तस्कर से पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
पकड़े गए रूस्तम ने पूछताछ में बताया कि वह देवरिया के पथरदेवा से गोवंश की खेप लेकर बिहार के गोपालगंज जा रहा था। पुलिस को पिकअप से छह गोवंश, धारदार हथियार, लकड़ी के टुकड़े, रस्सियां आदि मिले।
तस्कर संगठित गिरोह का सदस्य
एसपी संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि पकड़ा गया तस्कर संगठित गिरोह का सदस्य है, जो बेसहारा पशुओं की तस्करी करता है। इसके खिलाफ बलरामपुर, देवरिया और कुशीनगर में गो-तस्करी और अन्य अपराधों से जुड़े कई मुकदमे दर्ज हैं। अब इस पर गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम में कौन-कौन थे शामिल?
इस कार्रवाई में स्वाट प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह, थानाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह, दारोगा आलोक यादव, देवीलाल यादव, रामप्रगट मिश्र सहित कई पुलिसकर्मी शामिल रहे।
लिस की मुस्तैदी से एक खतरनाक गो-तस्कर गिरफ्तार हुआ, जिससे तस्करी के संगठित गिरोह के बारे में कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस आगे भी अवैध गो-तस्करी के खिलाफ सख्त अभियान जारी रखेगी।

