उत्तर प्रदेश, जो देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है, में एक नई टाउनशिप बसाई जा रही है। यह टाउनशिप लगभग 6,000 एकड़ क्षेत्र में फैली होगी। यह परियोजना उस इलाके में विकसित की जा रही है, जहां लगभग 40 साल पहले एक टाउनशिप बसाई गई थी। करीब चार दशक बाद सरकार ने इस क्षेत्र में एक नए शहर के निर्माण का निर्णय लिया है। इस टाउनशिप में लोगों को आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह के प्लॉट उपलब्ध होंगे।
यह टाउनशिप लखनऊ के बक्शी का तालाब (BKT) क्षेत्र में बनाई जाएगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने इस 6,000 एकड़ की टाउनशिप की योजना तैयार कर ली है और इसके लिए जमीन का सर्वे भी शुरू कर दिया गया है।
किन गांवों की जमीन शामिल होगी?
एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, इस परियोजना के लिए बीकेटी क्षेत्र के 14 गांवों की जमीन चिन्हित की गई है। इन गांवों में भौली, बौरुमाऊ, धतिंगरा, गोपरामऊ, लक्ष्मीपुर, पूरब गांव, पुरवा, सैरपुर, फर्रुखाबाद, कोडरी भौली, कमलाबाद, कमलापुर, सैदापुर और पल्हरी शामिल हैं। यह टाउनशिप लखनऊ से सीतापुर की ओर जाने वाले मार्ग पर विकसित की जाएगी।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के लिए 5 वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति भी गठित की गई है। इस समिति के अध्यक्ष सचिव विवेक श्रीवास्तव हैं। एलडीए ने 3 मार्च को ही इन गांवों की जमीन के अधिग्रहण का आदेश जारी कर दिया था।
40 साल बाद सीतापुर रोड पर नई योजना
एलडीए लगभग 40 साल बाद सीतापुर रोड पर एक बार फिर टाउनशिप विकसित करने जा रहा है। इससे पहले, इस क्षेत्र में जानकीपुरम और जानकीपुरम एक्सटेंशन योजना बनाई गई थी। इस नई योजना के तहत लखनऊ के निवासियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए आवासीय और व्यावसायिक प्लॉट मिलेंगे, जिससे शहर का विस्तार तेजी से हो सकेगा।
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की तर्ज पर लखनऊ से सटे जिलों के कुछ हिस्सों को मिलाकर स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) बनाने की योजना बनाई है। इस नई टाउनशिप को इसी परियोजना का हिस्सा माना जा रहा है। इससे लखनऊ और उसके आसपास के क्षेत्रों का विकास तेजी से होगा और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

