प्रयागराज में 10 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित महाकुंभ मेले की सफलता पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार विशेष आयोजन करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार द्वारा किए गए उत्कृष्ट प्रबंधन को विस्तार से समझने के लिए 19 मार्च को लखनऊ में सार्वजनिक स्वास्थ्य और जल शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। इस संबंध में मंगलवार को एक आधिकारिक बयान जारी किया गया।
सम्मेलन में जल विशेषज्ञ और पर्यावरणविद होंगे शामिल
इस सम्मेलन में देश के प्रसिद्ध वैज्ञानिक, जल विशेषज्ञ, पर्यावरणविद और विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। पहली बार महाकुंभ में जल आपूर्ति, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए जो प्रभावी कदम उठाए गए, वे वैश्विक चर्चा का विषय बन गए हैं। इस सम्मेलन में इन विषयों पर गहराई से विचार किया जाएगा।
इन मुद्दों पर होगी चर्चा
योगी सरकार के नेतृत्व में ‘नमामि गंगे’ एवं ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग के सहयोग से महाकुंभ में जल प्रबंधन, गंगा की स्वच्छता, आधुनिक तकनीकों का उपयोग और आपदा प्रबंधन को प्रभावी रूप से लागू किया गया। सम्मेलन के दौरान सार्वजनिक स्वास्थ्य, जल संसाधन प्रबंधन और पर्यावरणीय संतुलन पर चर्चा होगी, जिससे भविष्य में ऐसे आयोजनों को और अधिक सफल बनाया जा सके।
सबसे स्वच्छ और दिव्य महाकुंभ
विशेषज्ञ इस बात पर प्रकाश डालेंगे कि कैसे आधुनिक तकनीकों और संगठित प्रयासों से गंगा को स्वच्छ बनाए रखते हुए करोड़ों श्रद्धालुओं को सुविधाएं प्रदान की गईं। बयान के अनुसार, योगी सरकार ने ‘नमामि गंगे मिशन’ के तहत गंगा को निर्मल और अविरल बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए। घाटों की सफाई, जलमल शोधन संयंत्र, जैविक शौचालयों और कचरा प्रबंधन प्रणाली को लागू किया गया, जिससे यह महाकुंभ अब तक का सबसे स्वच्छ और दिव्य महाकुंभ बन सका।
शिखर सम्मेलन में नीति निर्धारकों की भागीदारी
इस सम्मेलन में विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शोधकर्ताओं और नीति निर्धारकों की भागीदारी होगी। वे सरकार के प्रयासों को समझने के साथ-साथ भविष्य में होने वाले भव्य आयोजनों के लिए अपने सुझाव भी प्रस्तुत करेंगे, जिससे आने वाले समय में कुंभ जैसे धार्मिक आयोजनों को और अधिक व्यवस्थित एवं सफल बनाया जा सके।

