उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मलीहाबाद क्षेत्र में 32 वर्षीय एक महिला के अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। इस घटना में लापरवाही बरतने के कारण आलमबाग थाने के प्रभारी सहित सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, अयोध्या निवासी महिला वाराणसी में नौकरी के लिए साक्षात्कार देने के बाद चिनहट में अपने भाई के घर जाने के लिए निकली थी। बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह उसने आलमबाग से एक ऑटोरिक्शा लिया, लेकिन चालक उसे मलीहाबाद की ओर ले गया।
पुलिस उपायुक्त (अपराध) कमलेश कुमार दीक्षित ने जानकारी दी कि महिला के भाई ने बुधवार तड़के करीब चार बजे उसकी गुमशुदगी की सूचना दी थी। महिला ने अपने भाई के साथ अपनी लाइव लोकेशन साझा की थी, जिससे यह संदेह हुआ कि ऑटोरिक्शा चालक उसे गलत दिशा में ले जा रहा था। जब उसकी अंतिम लोकेशन मलीहाबाद के पास मिली, तो परिवार ने पुलिस को सूचित किया। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की।
पुलिस को महिला बेहोशी की हालत में मलीहाबाद के मोहम्मद नगर तालुकदारी के एक आम के बगीचे में मिली। उसे तुरंत किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
डीसीपी के मुताबिक, इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की तीन टीमें इस घटना की जांच में जुटी हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही हैं।
इस मामले में लापरवाही के आरोप में आलमबाग के थानाध्यक्ष कपिल गौतम, उपनिरीक्षक राम बहादुर, कमरुज्जमा, शिव नंदन सिंह, हेड कांस्टेबल राजेश कुमार, विजय यादव और पंकज यादव को निलंबित कर दिया गया है।

