कानपुर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बिना टेंडर प्रक्रिया पूरी हुए ही निर्माण कार्य कर दिया गया। न तो निर्माण कार्य का टेंडर पास हुआ और न ही सामग्री खरीदने का, फिर भी 50 प्रतिशत से अधिक निर्माण पूरा हो चुका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन हरकत में आ गया और 9 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
तीन गांवों में बिना टेंडर ही हो रहा था निर्माण
जिले के सरगांव, पतारा और भीतरगांव में अंत्येष्टि स्थल बनाए जाने थे। इस बीच जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को शिकायत मिली कि टेंडर पास हुए बिना ही इन तीनों स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है और काफी हद तक पूरा भी हो चुका है। डीएम ने जब इस मामले की रिपोर्ट मांगी, तो पूरे प्रशासन में हड़कंप मच गया।
जांच में यह खुलासा हुआ कि करीब 50 प्रतिशत निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका था, जबकि टेंडर की प्रक्रिया अभी चल ही रही थी। सरकार की ओर से इन परियोजनाओं के लिए धनराशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन टेंडर की औपचारिकता पूरी होने से पहले ही काम शुरू कर दिया गया।
सीएम के दौरे से पहले हुआ खुलासा, 9 अधिकारियों पर गिरी गाज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को कानपुर के दौरे पर आने वाले हैं। वे इस दौरान समीक्षा बैठक करने के साथ-साथ मेट्रो, कन्वेंशन सेंटर समेत अन्य विकास परियोजनाओं का निरीक्षण भी करेंगे। ऐसे में इस अनियमितता का खुलासा होने पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 9 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
किन-किन पर हुई कार्रवाई?
इस मामले में जिन 9 लोगों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं:
- सरगांव की प्रधान – निधि रानी
- पतारा की प्रधान – अर्चना रानी
- भीतरगांव की प्रधान – शीलू
- भीतरगांव के सचिव – बलवान
- पतारा के सचिव – विक्रम शर्मा
- सरगांव के सचिव – अमित सिंह राजावत
- भीतरगांव के सहायक विकास अधिकारी – मनोज उमराव
- पतारा के सहायक विकास अधिकारी – राघवेंद्र प्रताप सिंह
- घाटमपुर के सहायक विकास अधिकारी – विनोद कुमार झा
प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कर रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के संकेत दिए गए हैं। सीएम योगी के दौरे से पहले यह मामला सुर्खियों में आ गया है, जिससे प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।

