समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने आज हजरतगंज के अटल चौक पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सपा सांसद रामजी लाल सुमन के घर पर हाल ही में हुई घटना के खिलाफ आयोजित किया गया था। प्रदर्शन का नेतृत्व छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष ने किया, जिसमें सपा कार्यकर्ताओं ने दलितों के अपमान के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने योगी सरकार के खिलाफ नारे लगाए और सरकार की नीतियों को दलित विरोधी करार दिया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया, जिसने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर उन्हें इको गार्डन स्थित धरना स्थल पर भेज दिया।
विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना था कि सरकार जानबूझकर दलित समुदाय का अपमान कर रही है और उनकी आवाज़ को दबाने का प्रयास कर रही है। यह प्रदर्शन सरकार की नीतियों के प्रति जनता के आक्रोश का प्रतीक बनकर सामने आया।
इससे पहले, आगरा में समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन के आवास पर करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। यह विवाद सांसद द्वारा राणा सांगा पर दिए गए बयान के कारण उत्पन्न हुआ था। बुधवार को करणी सेना के हजारों कार्यकर्ता उनके घर पहुंचे और विरोध जताने लगे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सपा सांसद रामजी लाल सुमन का समर्थन किया और स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी मेवाड़ के राजा राणा सांगा की वीरता और राष्ट्रभक्ति पर कोई संदेह नहीं करती। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह ऐतिहासिक मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर देश को धार्मिक और जातिगत आधार पर विभाजित करने का काम करती है।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि हमारे सांसद ने केवल इतिहास की एकतरफा व्याख्या पर सवाल उठाने की कोशिश की थी, उनका किसी समाज का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र को ऐतिहासिक घटनाओं के आधार पर नहीं चलाया जा सकता और भाजपा सरकार को अपनी भेदभावपूर्ण नीतियों में बदलाव लाने की जरूरत है।

