मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर परिवहन विभाग अवैध ई-रिक्शा और ऑटो चालकों पर शिकंजा कसने जा रहा है। सरकार ने प्रदेशभर में 1 अप्रैल से विशेष अभियान चलाने की घोषणा की है, जिसके तहत बिना पंजीकरण वाले ई-रिक्शा और ऑटो के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा।
कानून व्यवस्था के तहत सख्त कदम
मुख्यमंत्री ने हाल ही में कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में अवैध वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने नाबालिगों के वाहन चलाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर विशेष ध्यान देने को कहा। इसके अलावा, किरायेदारों का सत्यापन और ओवरलोडिंग पर रोक लगाने के भी आदेश दिए गए हैं।
सभी जिलों में अभियान की तैयारी
परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSP) को पत्र लिखकर अभियान की जानकारी दी। इस विशेष अभियान में परिवहन और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें चेकिंग अभियान चलाएंगी।
यह अभियान 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें प्रमुख बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और चौराहों पर विशेष जांच होगी। हर जिले में इसकी सख्ती से निगरानी की जाएगी, और हर हफ्ते रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी।
नाबालिग चालकों पर कड़ी नजर
सरकार ने नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने को पूरी तरह प्रतिबंधित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पाया जाता है, तो उसके परिजनों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
प्रमुख शहरों में सख्ती बढ़ेगी
लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, गोरखपुर और झांसी जैसे बड़े शहरों में इस अभियान के तहत विशेष सतर्कता बरती जाएगी। पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमें बस स्टैंडों और प्रमुख चौराहों पर कड़ी निगरानी रखेंगी।

