मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुंभ की तैयारियों के दौरान वक्फ बोर्ड ने कुंभ की भूमि पर अपना दावा जताया था। उन्होंने इसे माफिया प्रवृत्ति वाला बोर्ड बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में इस पर रोक लगाई गई है। सीएम योगी ने बताया कि वक्फ बोर्ड से संबंधित एक अहम कानून लोकसभा में पारित हो चुका है और जल्द ही इसे राज्यसभा से भी मंजूरी मिलेगी। इससे वक्फ बोर्ड केवल जनहितकारी कार्यों तक सीमित रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में अब माफियाओं के लिए कोई जगह नहीं है, क्योंकि सरकार पहले ही उन्हें खत्म कर चुकी है।
श्रृंगवेरपुर में निषादराज जयंती कार्यक्रम
गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान श्रीराम के प्रिय सखा निषादराज गुहा की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और प्रयागराज में 579 करोड़ रुपये की लागत वाली 181 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम और निषादराज की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और कहा कि श्रृंगवेरपुर भगवान श्रीराम और निषादराज की मित्रता का प्रतीक है। उन्होंने श्रृंगवेरपुर को एक आध्यात्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा करते हुए बताया कि जिस स्थान पर भगवान श्रीराम ने रात्रि विश्राम किया था, वहां सुंदर घाटों का निर्माण होगा। साथ ही, महर्षि श्रृंगी और माता शांता के मंदिर का जीर्णोद्धार, संस्कृत विद्यालय की स्थापना और विद्युत शोध गृह के निर्माण की भी योजना बनाई गई है।
निषाद समुदाय के लिए योजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री ने निषाद समुदाय के कल्याण के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया। निषाद राज वोट सब्सिडी योजना के तहत 1100 नाविकों को 3.20 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। मत्स्य संपदा योजना के तहत 1400 मछली पालकों को 20 करोड़ रुपये वितरित किए गए। किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए भी 138 करोड़ रुपये के ऋण दिए गए। उन्होंने कहा कि पहले यह धन बिचौलियों के हाथों में चला जाता था, लेकिन अब इसे सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाया जा रहा है। साथ ही, प्रशासन को निर्देश दिए गए कि निषाद समुदाय के लोगों को सीएनजी नौकाएं उपलब्ध कराई जाएं और रोजगार के नए अवसर प्रदान किए जाएं।
बाल प्रतिभा को प्रोत्साहन
कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीराम के वेश में एक बालक ने शिव स्तुति का सुंदर प्रस्तुतीकरण किया, जिससे प्रभावित होकर मुख्यमंत्री ने उसे चॉकलेट देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतिभाएं हमारी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में सहायक होंगी।
महाकुंभ 2025: प्रयागराज की नई पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ 2025 की सफलता प्रयागराज की वैश्विक पहचान को और सुदृढ़ करेगी। उन्होंने बताया कि 2019 के कुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे, जो इस आयोजन की भव्यता को दर्शाता है। प्रयागराज अब किसी अन्य बड़े शहर के परिचय का मोहताज नहीं है, बल्कि अपनी अलग पहचान बना चुका है।
सनातन धर्म की शक्ति का प्रतीक महाकुंभ
सीएम योगी ने महाकुंभ को सनातन धर्म की शक्ति का प्रतीक बताया और कहा कि इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में राष्ट्रभक्तों और रामभक्तों की अहम भूमिका रही है। उन्होंने महाकुंभ में योगदान देने वाले गाइड, नाविकों और होम स्टे संचालकों को सम्मानित भी किया।
उन्होंने कहा कि महाकुंभ के चलते प्रयागराज का बहुमुखी विकास हुआ है। विभिन्न धार्मिक स्थलों और कॉरिडोरों का निर्माण इसे और भी भव्य बना रहा है, जिनमें हनुमान जी कॉरिडोर, अक्षयवट कॉरिडोर, मां सरस्वती कॉरिडोर, पातालपुरी कॉरिडोर, महर्षि भारद्वाज कॉरिडोर, नागवासुकी कॉरिडोर और द्वादश माधव कॉरिडोर शामिल हैं।
प्रयागराज में नई परियोजनाओं की सौगात
सीएम योगी ने 579 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेजों के उन्नयन, पेयजल योजनाओं और संपर्क मार्गों की परियोजनाओं की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि प्रयागराज का विकास स्मार्ट सिटी से आगे बढ़कर एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में हो रहा है।
अंत में, उन्होंने मां गंगा की स्वच्छता और अविरलता पर जोर देते हुए कहा कि यह हमारी संस्कृति और दिव्यता की प्रतीक हैं। उन्होंने नाविकों और गाइडों की मेहनत की सराहना की, जिनके प्रयासों से महाकुंभ सफल हुआ और लोगों को रोजगार के अवसर भी मिले।

