भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के सबसे चर्चित और बड़े घोटालों में से एक – पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के ₹13,500 करोड़ के घोटाले के मुख्य आरोपी मेहुल चोकसी को बेल्जियम में गिरफ्तार कर लिया गया है। मेहुल चोकसी, जो इस घोटाले में नीरव मोदी के साथ शामिल था, 2018 में इस घोटाले के सामने आने के बाद भारत से फरार हो गया था। हाल ही में भारतीय एजेंसियों ने उसकी मौजूदगी की पुष्टि की, जिसके बाद 12 अप्रैल को बेल्जियम पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
यह गिरफ्तारी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से भेजे गए अनुरोध के बाद हुई। अब भारत सरकार उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार, चोकसी ने अपनी कंपनी ‘गीतांजलि जेम्स लिमिटेड’ के जरिए पंजाब नेशनल बैंक के कुछ अधिकारियों से मिलीभगत कर फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) के जरिये विदेशों से अवैध लोन प्राप्त किए थे। इस पूरे घोटाले में बैंक के कुछ अधिकारी भी शामिल थे, जिन्होंने धोखाधड़ी में उसकी मदद की।
इस मामले में एक सकारात्मक पहलू यह है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक ₹2,500 करोड़ से अधिक की संपत्तियों को जब्त कर लिया है। इसके साथ ही संपत्तियों को वैध मालिकों को लौटाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। फरवरी में मुंबई की एक विशेष अदालत ने चोकसी की कंपनी की 13 संपत्तियों की नीलामी की इजाजत दी थी। कोर्ट के निर्देश पर ED ने इन संपत्तियों को जब्त कर उन्हें संबंधित पक्षों को सौंपने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है।
भारतीय एजेंसियां इस आर्थिक अपराध की भरपाई करने और चोकसी को भारत वापस लाकर सच्चाई सामने लाने के प्रयासों में जुटी हुई हैं। देश को उम्मीद है कि इस गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले से जुड़ी कई अहम जानकारियाँ सामने आएंगी।

