लखनऊ के चिनहट क्षेत्र के अनौराकला में स्थित टेक होम राशन (टीएचआर) प्लांट महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। इस प्लांट का संचालन स्वयं सहायता समूहों की मेहनती दीदियों द्वारा किया जा रहा है। आज उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस प्लांट का निरीक्षण किया और महिलाओं से बातचीत कर उनके अनुभव और आय में आए बदलाव की जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने वहां बन रहे पुष्टाहार की गुणवत्ता को परखा और दीदियों से सीधे संवाद कर जाना कि इस परियोजना से उन्हें स्थायी आमदनी का जरिया मिला है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्लांट का विस्तार करते हुए एक माह के भीतर बेसन, आटा, मसाले, तेल और स्पेलर यूनिट की योजना तैयार की जाए। इसके साथ ही बैंकों से समन्वय कर महिलाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी कहा।
महिलाओं को बिजली खर्च में भी बड़ी राहत मिली है। पहले जहां बिजली का मासिक बिल करीब ₹1.25 लाख आता था, अब सोलर एनर्जी से संचालित यूनिट के कारण यह घटकर ₹35 हजार रह गया है। सरकार द्वारा सोलर प्लांट पर 90% तक की सब्सिडी दी जा रही है, जिससे महिलाओं को काफी फायदा हो रहा है।
इस प्लांट में 10 स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं मिलकर कार्य कर रही हैं और पंजीरी, आटा बेसन हलवा, मूंग दाल खिचड़ी, बर्फी जैसे कुल 6 तरह के पोषक आहार का उत्पादन कर रही हैं। उप मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि आगे चलकर इन उत्पादों को बाजार में बिक्री के लिए भी उतारा जाए, जिससे महिलाओं की आमदनी और भी बढ़ सके।
करीब ₹90 लाख की लागत से बने इस प्लांट को अब मॉडल यूनिट के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसके लिए ₹5 करोड़ तक का विस्तार प्रस्तावित है। साथ ही, अन्य कंपनियों के साथ सहयोग और मनरेगा फंड के उपयोग की भी योजना बनाई जा रही है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इस तरह की योजनाएं “आधी आबादी” की आर्थिक स्थिति को सशक्त बना रही हैं।

