उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के किरतपुर थाना क्षेत्र के मसनपुर गांव में मंगलवार को एक बेहद भावुक कर देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया। एक पत्नी ने अपने पति की मौत का सदमा इस कदर बर्दाश्त नहीं कर पाई कि उसने भी अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। पति-पत्नी दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर गंगा बैराज के पास किया गया, जिससे वहां मौजूद हर आंख नम हो गई।
पति की बीमारी बनी बिछड़ने की वजह
मिली जानकारी के अनुसार, गांव मसनपुर निवासी 45 वर्षीय भीम सिंह लंबे समय से बीमार थे। उनका इलाज ऋषिकेश के एम्स और देहरादून के जॉलीग्रांट अस्पताल में चल रहा था। बीमारी के दौरान उनकी पत्नी राजकुमारी (42) दिन-रात उनकी सेवा में लगी रहीं। सोमवार की शाम को इलाज के दौरान भीम सिंह का निधन हो गया।
पति के निधन से पत्नी का टूटा दिल
पति की मौत की खबर सुनकर राजकुमारी पूरी तरह टूट गईं। मंगलवार सुबह जब भीम सिंह का पार्थिव शरीर गांव लाया गया, तो राजकुमारी उन्हें देख फूट-फूटकर रो पड़ीं और थोड़ी देर बाद अचानक चुपचाप अपने कमरे में चली गईं। जब घर की महिलाओं ने उन्हें खोजा, तो वह अचेत अवस्था में मिलीं। आनन-फानन में उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जांच में पता चला कि उन्होंने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की।
एक साथ विदा हुए दोनों जीवनसाथी
पति-पत्नी की एक साथ हुई मौत ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया। ग्रामीणों और परिजनों ने दोनों के पार्थिव शरीरों का एक साथ गंगा बैराज पर अंतिम संस्कार किया। मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले भीम सिंह और राजकुमारी की प्रेम और समर्पण की यह कहानी हर किसी की आंखें नम कर गई।
गांव में गहरी शोक की लहर है, लोग स्तब्ध हैं और कई घरों में तो चूल्हा तक नहीं जला। यह घटना ऐसे समय में आई है जब प्रदेश में आए दिन रिश्तों की बेरुखी की खबरें सामने आ रही हैं। मगर मसनपुर की यह प्रेम गाथा लोगों के दिलों में हमेशा के लिए एक मिसाल बन गई है।

