कानपुर में बीते बुधवार को कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ बड़े चौराहे के पास जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के लिए न तो पुलिस प्रशासन से कोई पूर्व अनुमति ली गई थी और न ही कोई सूचना दी गई थी। बिना अनुमति के किए गए इस धरना-प्रदर्शन को लेकर गुरुवार को कोतवाली थाने में कांग्रेस के 57 कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
यह मामला कोतवाली के उपनिरीक्षक (एसआई) सौरभ सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया। कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि एफआईआर से कांग्रेस कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
बताया जा रहा है कि यह प्रदर्शन नेशनल हेराल्ड केस को लेकर था, जिसमें केंद्र सरकार की कार्रवाई से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि इस मामले में अचानक तेजी आने से कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए हैं।
एफआईआर जिन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई है, उनमें कांग्रेस विधायक और AICC (अखिल भारतीय कांग्रेस समिति) के वरिष्ठ सदस्य भी शामिल हैं। यह मामला अब शहर के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन चुका है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस की एक टीम जब तिलक हॉल पहुंची, तो वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं से तीखी बहस भी हुई। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

