आगरा: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद रामजी लाल सुमन के घर पहुंचकर उनका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने हाल ही में हुए हमले की कड़ी निंदा की और इसे एक सुनियोजित साजिश करार दिया।
अखिलेश यादव ने कहा कि यह कोई सामान्य घटना नहीं थी, बल्कि जानबूझकर दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदायों को डराने के मकसद से अंजाम दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठजोड़ से डरती है, इसलिए उनके नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रामजी लाल सुमन के घर पर तोड़फोड़ की गई, जो साफ तौर पर यह दर्शाता है कि सरकार का इसमें अप्रत्यक्ष समर्थन है। हमला करने वालों को किसी सजा का डर नहीं था, क्योंकि उन्हें सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।
अखिलेश ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आगरा में खुलेआम तलवारें लहराई गईं। लखनऊ और दिल्ली की राजनीतिक खींचतान को आगरा में ज़ोर दिखाकर प्रदर्शित किया गया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी बाबा साहब अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान का पालन करती है और आगे भी करती रहेगी। कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी गई है। अखिलेश ने कहा, “मुझे धमकी दी गई है कि तुम्हारा हाल भी फूलन देवी जैसा किया जाएगा। सवाल यह उठता है कि इन धमकियों के पीछे कौन लोग हैं? कौन इन्हें समर्थन दे रहा है?”
उन्होंने कहा कि अब मनमानी का दौर नहीं चलेगा। देश में संविधान है, और वही सर्वोच्च है। इतिहास की बात करते हुए उन्होंने कहा कि जो इतिहास हमें जोड़ने की बजाय दूरियां बढ़ाए, उसे पीछे छोड़ देना चाहिए। हर किसी को इतिहास का हर पहलू अच्छा नहीं लगता, इसलिए जरूरी है कि हम एकता और समानता की दिशा में आगे बढ़ें।

