लखनऊ के जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा स्थल पर कश्मीर के पहलगाम में हुए जघन्य नरसंहार के विरोध में श्रद्धांजलि सभा और कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के पदाधिकारी और अनेक सामाजिक कार्यकर्ता व नागरिकों ने भाग लिया। इसमें पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा मारे गए 28 निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की गई।
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक रजा हुसैन रिज़वी ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाकर कायरता का परिचय दिया है। इस घटना ने पूरे देश में गुस्से को जन्म दिया है। हम सरकार से मांग करते हैं कि इन आतंकवादियों को कड़ी सजा दी जाए और उनके समर्थकों को बेनकाब किया जाए।”
कार्यक्रम में वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. शौकत खान ने कहा, “आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता। यह केवल भय और नफरत फैलाता है और देश की एकता को कमजोर करता है। लेकिन भारत की अखंडता को कोई भी चुनौती नहीं दे सकता। जब भी ऐसी घटनाएं होती हैं, हमारा देश एकजुट होकर उनका विरोध करता है।”
गौसिया खान ने सभा में कहा, “आज पूरा हिंदुस्तान सड़कों पर उतर आया है और आतंकवाद का जवाब दे रहा है। हमें पूरा यकीन है कि भारत सरकार इस बार कड़ा कदम उठाएगी और दोषियों को छोड़ेगी नहीं।”
हाईकोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता नुसरत जहां ने भी घटना की कड़ी निंदा की और कहा, “यह मानवता के खिलाफ अपराध है। सरकार को चाहिए कि वह न केवल आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे, बल्कि उनके मददगारों को भी पहचान कर दंडित करे।”
इस श्रद्धांजलि सभा में आलोक चतुर्वेदी (संगठन संयोजक), प्रो. माहरूख मिर्ज़ा, धर्मेंद्र कुमार त्रिपाठी, अंसार अहमद, जीशान अहमद, बिलाल वारसी, सैदुल्लाह खान, मोहम्मद ताहिर और अधिवक्ता अनिरुद्ध कुमार सिंह सहित अन्य प्रमुख लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने मोमबत्तियाँ जलाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

