अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है और अब इसकी पूर्णता की तारीख तय हो गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने जानकारी दी है कि मंदिर का निर्माण कार्य 5 जून 2025 तक पूरी तरह संपन्न हो जाएगा।
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि मंदिर परिसर में स्थापित अन्य देवी-देवताओं के मंदिर भी इसी दिन के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इनमें महर्षि वाल्मीकि, श्री वशिष्ठ, माता अहिल्या, निषादराज, माता शबरी और अगस्त्य मुनि के मंदिर शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर के चारों ओर बने परकोटे में राम दरबार सहित कुल छह मंदिरों में पूजा-अर्चना 5 जून को की जाएगी।
इस दिन के कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय द्वारा घोषित की जाएगी। 5 जून के बाद भक्तजन सभी मंदिरों में दर्शन कर सकेंगे और पूरे परिसर का भ्रमण कर सकेंगे।
नृपेंद्र मिश्रा ने मंदिर निर्माण की चुनौतियों के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि निर्माण प्रक्रिया के दौरान कई तकनीकी और आर्थिक चुनौतियाँ सामने आईं, लेकिन मजबूत टीमवर्क और समर्पण से सभी कठिनाइयों का समाधान निकाला गया। मिश्रा ने बताया कि मंदिर की बनावट को इस तरह से तैयार किया गया है कि यह आने वाले 1000 वर्षों तक किसी भी प्राकृतिक आपदा का सामना कर सके।
यह उल्लेखनीय है कि अयोध्या का राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। इस मंदिर का भव्य उद्घाटन 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में हुआ था। उसी दिन रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी और पहले महापूजा व महाआरती का आयोजन किया गया था। राम मंदिर के निर्माण की यह ऐतिहासिक यात्रा अब समापन की ओर है, और 5 जून को यह मंदिर पूर्ण रूप से भक्तों के लिए तैयार होगा।

