प्रयागराज से एक बड़ी खबर सामने आई है — मशहूर यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एल्विश यादव को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनके द्वारा दाखिल याचिका को खारिज कर दिया है। एल्विश यादव ने नोएडा में आयोजित एक रेव पार्टी से जुड़े मामले में चार्जशीट और कोर्ट द्वारा जारी समन को रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की थी।
यह मामला 3 नवंबर 2023 का है, जब नोएडा के सेक्टर-49 में एक रेव पार्टी में ड्रग्स और सांपों के ज़हर के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए पीएफए संस्था के एनिमल वेलफेयर ऑफिसर गौरव गुप्ता ने एफआईआर दर्ज करवाई थी। इसमें एल्विश यादव समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। इन धाराओं में आईपीसी की धारा 289, 284, 120-बी, एनडीपीएस एक्ट की धाराएं 8, 22, 29, 30, 32 और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 48A, 49, 50, 51 शामिल थीं।
इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने रेव पार्टी में नशे के साथ-साथ सांप के ज़हर का इस्तेमाल किया और जिंदा सांपों के साथ वीडियो शूट किए। जांच के बाद पुलिस ने जो चार्जशीट कोर्ट में दायर की, उसे रद्द कराने के लिए एल्विश ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, लेकिन जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव की एकल पीठ ने याचिका खारिज कर दी।
अब अगर बात करें एल्विश यादव की पहचान की, तो उनका असली नाम सिद्धार्थ यादव है। वे हरियाणा के गुरुग्राम में 14 सितंबर 1997 को जन्मे थे और एक अहीर हिंदू परिवार से ताल्लुक रखते हैं। एल्विश यादव ने यूट्यूब पर रोस्टिंग, कॉमेडी और व्लॉगिंग के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई है। 2023 में वह ‘बिग बॉस ओटीटी सीजन 2’ के विजेता बनने के बाद घर-घर में पहचाने जाने लगे। उनका देसी और हरियाणवी अंदाज युवाओं में खासा लोकप्रिय है, लेकिन साथ ही वे अक्सर विवादों में भी घिरे रहते हैं। एल्विश यादव का नाम जब से इस रेव पार्टी केस में सामने आया, तब से वे लगातार चर्चा में बने हुए हैं।

