भारत ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से आतंकवाद के खिलाफ एक कड़ा संदेश दिया है। इस अभियान में भारतीय सेना ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों के ठिकानों पर जोरदार हमला किया, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया। हालांकि, इस कार्रवाई को पाकिस्तान ने अपनी संप्रभुता पर हमला मानते हुए भारत पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए। लेकिन भारतीय सेना की तत्परता और तकनीकी दक्षता ने सभी हमलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।
जवाबी कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों, एयरफील्ड्स और रडार सिस्टम्स को पूरी तरह तबाह कर दिया। इस निर्णायक कदम के बाद पाकिस्तान ने घुटनों के बल आकर भारत के डीजीएमओ से युद्धविराम की अपील की, जिस पर फिलहाल सहमति बन गई है।
तिरंगे के सम्मान में निकली देशभर में यात्राएं
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद भारतीय जनता पार्टी ने देशभर में ‘तिरंगा यात्रा’ निकालने की घोषणा की। लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘भारत शौर्य तिरंगा यात्रा’ का नेतृत्व किया, जो मुख्यमंत्री आवास से शुरू होकर 1090 चौराहे तक निकाली गई। इस अवसर पर सीएम योगी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पूरा देश भारतीय सेना के अद्वितीय साहस और वीरता को सलाम कर रहा है।
सीएम योगी ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए पाकिस्तान पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब सबूतों के बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया, तब मजबूरी में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की शुरुआत की गई। पहले ही दिन 100 से अधिक आतंकियों का सफाया कर भारतीय सेना ने दुनिया को अपना पराक्रम दिखा दिया।
देश के कोने-कोने में देशभक्ति की लहर
दिल्ली के कर्तव्य पथ से तिरंगा यात्रा की शुरुआत हुई, जिसमें हजारों लोग हाथों में तिरंगा लिए देशभक्ति के जोश में शामिल हुए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली सरकार के मंत्री, विधायक और बीजेपी के वरिष्ठ नेता इसमें मौजूद रहे। एनसीसी कैडेट्स, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी इस यात्रा का हिस्सा बने।
हरियाणा के पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में तिरंगा यात्रा निकाली गई, जबकि गुजरात के अहमदाबाद में सीएम भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में भव्य आयोजन हुआ। इन यात्राओं में भारत की एकता, साहस और स्वाभिमान की झलक देखने को मिली।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने जहां एक ओर भारत की सैन्य ताकत का लोहा मनवाया, वहीं दूसरी ओर तिरंगा यात्राओं के माध्यम से देशवासियों ने एक स्वर में अपने वीर जवानों को सलाम किया। यह केवल एक सैन्य सफलता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और साहस का प्रतीक बन गया है।

