उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित प्राणी उद्यान में एक बाघिन की मौत के बाद उसमें बर्ड फ्लू की पुष्टि होने से हड़कंप मच गया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए चिड़ियाघर को ऐहतियातन एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है। इस फैसले की जानकारी मंगलवार को एक अधिकारी द्वारा दी गई। साथ ही, ‘इटावा लायन सफारी’ और एशियाई शेर प्रजनन केंद्र को भी 14 मई से 20 मई तक आम लोगों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
गोरखपुर चिड़ियाघर के निदेशक विकास यादव ने यह निर्णय मुख्य वन संरक्षक के निर्देश पर लिया। उन्होंने बताया कि चिड़ियाघर अब 21 मई को दोबारा खोला जाएगा। जानकारी के मुताबिक, 7 मई को ‘शक्ति’ नामक एक बाघिन की मौत हुई थी, और उसके नमूने भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान भेजे गए थे। जांच में पुष्टि हुई कि उसकी मौत का कारण बर्ड फ्लू था।
अन्य जानवरों पर संक्रमण का खतरा
चिड़ियाघर प्रशासन ने बताया कि अब तक चार जानवरों की मौत हो चुकी है—जिनमें एक बाघ, एक बाघिन, एक तेंदुआ और एक मादा भेड़िया शामिल हैं। इस स्थिति ने अधिकारियों को सतर्क कर दिया है क्योंकि वायरस के अन्य जानवरों में फैलने का अंदेशा है। पिछले सप्ताह मादा तेंदुआ मोना की भी मौत हुई, जो चार साल पहले कानपुर से लाई गई थी। इसके पहले शक्ति बाघिन और भैरवी नामक मादा भेड़िया की भी मौत हो चुकी है। इन दोनों में मिलते-जुलते लक्षण देखे गए थे। हालांकि फिलहाल केवल शक्ति की रिपोर्ट में ही बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है, जबकि भैरवी की रिपोर्ट का इंतजार है।
इटावा लायन सफारी में भी एहतियात
गोरखपुर के मामले को देखते हुए इटावा लायन सफारी और एशियाई शेर प्रजनन केंद्र को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सफारी में अब तक कोई बर्ड फ्लू का मामला सामने नहीं आया है, लेकिन हाल ही में पटौदी नामक एक बीमार बाघ को इलाज के लिए कानपुर चिड़ियाघर भेजा गया है, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है।
इटावा सफारी के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने कहा कि सुरक्षा के मद्देनज़र सफारी के कर्मचारियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि किसी कर्मचारी या उनके परिवार के सदस्य को कोई बीमारी महसूस हो, तो उसकी सूचना तुरंत दी जाए।
इस प्रकार, बर्ड फ्लू के फैलते खतरे को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के वन्यजीव केंद्रों में सख्त निगरानी और सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं।

