नोएडा के ग्रेटर नोएडा सेक्टर 36 में 3 मई को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई जब एक घर के शौचालय में अचानक विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना तेज था कि इसके बाद आग लग गई और 20 वर्षीय आशु नागर गंभीर रूप से झुलस गया। आशु उस समय घर के पश्चिमी शैली के टॉयलेट का इस्तेमाल कर रहा था और जैसे ही उसने फ्लश किया, तभी धमाका हो गया।
परिजनों का आरोप है कि यह हादसा सीवर लाइन में मीथेन गैस के जमा होने के कारण हुआ। आशु के पिता सुनील प्रधान ने बताया कि उनके बेटे के चेहरे, हाथ और पैरों पर गंभीर जलन हुई है और करीब 35 से 40 प्रतिशत शरीर जल गया है। फिलहाल उसका इलाज ग्रेटर नोएडा स्थित सरकारी आयुर्विज्ञान संस्थान (GIMS) में चल रहा है।
उन्होंने कहा कि हादसे के समय आशु ने कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस इस्तेमाल नहीं किया था और धमाका अचानक हुआ। सुनील प्रधान ने यह भी बताया कि पहले क्षेत्र में मीथेन गैस को निकालने के लिए पाइप लगाए गए थे, लेकिन अब वे काम नहीं कर रहे हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के अधिकारी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और जांच पूरी करने के लिए 10 दिन का समय मांगा है।
वहीं, जब इस बारे में प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक एपी वर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सीवर प्रणाली ठीक से काम कर रही है और यह विस्फोट संभवतः घर की किसी आंतरिक तकनीकी समस्या के कारण हुआ होगा। उन्होंने यह भी कहा कि वेंट पाइप काम कर रहे हैं और ये पाइप घर के प्लंबिंग सिस्टम में वायु प्रवाह को नियंत्रित करने में मदद करते हैं, ताकि पानी और अपशिष्ट बाहर निकल सकें।
इस प्रकार की घटनाएं यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि सीवर सुरक्षा और गैस निकासी के प्रबंधन में लापरवाही कितनी गंभीर हो सकती है

