प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को 75 वर्ष के हो गए। इस मौके पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अपना रिपोर्ट कार्ड सौंपते हुए कहा – “अध्यक्ष जी, मैंने अपना काम पूरा कर दिया।” यह भावनात्मक पल न केवल एक राजनीतिक संकेत था बल्कि संगठनात्मक अनुशासन और पार्टी संस्कृति का प्रतीक भी रहा।
मोदी के जन्मदिन को भाजपा ने सेवा और जनकल्याण से जोड़ते हुए 15 दिन से अधिक लंबे ‘सेवा पखवाड़ा’ की शुरुआत की है, जो 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती तक चलेगा।
देशभर में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।
गरीबों और जरूरतमंदों तक पोषण सामग्री और दवाइयां पहुंचाई जाएंगी।
राज्यों की भाजपा सरकारें विशेष स्वच्छता, टीकाकरण और रक्तदान शिविर आयोजित करेंगी।
शिक्षा और पर्यावरण से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम भी शामिल होंगे।
भाजपा का दावा है कि ‘सेवा पखवाड़ा’ प्रधानमंत्री मोदी के जीवन और राजनीति की उस मूल भावना को दर्शाता है, जिसमें सत्ता नहीं बल्कि सेवा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे गांव-गांव जाकर जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाएं और अधिक से अधिक लोगों को सेवा पखवाड़ा से जोड़ें।
मोदी द्वारा राजनाथ सिंह को रिपोर्ट कार्ड सौंपना केवल एक औपचारिकता नहीं थी। इसे राजनीतिक विश्लेषक एक संदेश मान रहे हैं कि प्रधानमंत्री अपने कार्यकाल में किए गए कामकाज को जनता और संगठन के प्रति जवाबदेही के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। भाजपा इससे यह संकेत भी देना चाहती है कि प्रधानमंत्री ने संगठन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का भरसक प्रयास किया है।
देशभर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मोदी के 75वें जन्मदिन को सेवा और समर्पण के रूप में मनाया। कई राज्यों में स्वास्थ्य जांच शिविरों और स्वच्छता कार्यक्रमों में भारी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व देश में विकास और आत्मनिर्भरता की राह को मजबूत कर रहा है।
भाजपा ने साफ किया है कि यह सेवा पखवाड़ा केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले इसे एक बड़ा जनसंपर्क अभियान भी माना जाएगा। पार्टी इसे मोदी सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने और कांग्रेस व विपक्षी दलों के आरोपों का जवाब देने का साधन बनाएगी।

