प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के भावनगर में ‘समुद्र से समृद्धि’ कार्यक्रम के दौरान 34,200 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने आत्मनिर्भर भारत का जोर देते हुए कहा कि देश का सबसे बड़ा दुश्मन निर्भरता है, न कि कोई विदेशी द्रोही या शत्रु। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जो देश दूसरे देशों पर अधिक निर्भर करेगा, वह विकसित नहीं हो पाएगा और उसकी अस्मिता खतरे में पड़ेगी। यह बात उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ चल रहे टैरिफ विवाद और H-1B वीजा में बदलाव के बीच जोर देकर कही।
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में कहा, “दुनिया में हमारा कोई बड़ा दुश्मन नहीं है, सबसे बड़ा दुश्मन हमारी निर्भरता है।” उन्होंने भारत को आत्मनिर्भर बनाने की अपील की और कहा कि अब चिप्स हों या जहाज, भारत में बनना चाहिए। मोदी ने बताया कि सालाना भारत लगभग 6 लाख करोड़ रुपये विदेशी कंपनियों को नौवहन और वस्तुओं के परिवहन में देती है, जो लगभग भारत के रक्षा बजट के बराबर है।
उद्घाटन कार्यों में मुख्य रूप से समुद्री क्षेत्र से जुड़े प्रोजेक्ट्स शामिल थे, जिनकी कुल कीमत 7,800 करोड़ रुपये से अधिक है। इनमें मुंबई में अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल, कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर नए कंटेनर टर्मिनल, पारादीप बंदरगाह पर मल्टी-कॉरगो टर्मिनल, और चेन्नई व कार निकोबार में तटीय सुरक्षा कार्य शामिल हैं। इसके अलावा, भाभनगर और जामनगर के अस्पतालों के विस्तार के साथ राष्ट्रीय राजमार्गों की चौड़ीकरण परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया, जो स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और सतत औद्योगिकीकरण की मिसाल होगा। उन्होंने लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर का भी अवलोकन किया, जो भारत की प्राचीन समुद्री विरासत को संरक्षित करने और पर्यटन, शिक्षा तथा कौशल विकास के लिए केंद्र का रूप लेगा।
इस अवसर पर पीएम मोदी ने साफ कहा कि भारत को विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में आत्मनिर्भर बनने की जरूरत है, जिससे वैश्विक स्थिरता, शांति और समृद्धि की प्राप्ति हो सके। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के सहयोग से निरंतर विकास की प्रक्रिया को तेज करने का आह्वान किया।

