झारखंड के गुमला जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान इनामी नक्सली छोटू समेत तीन नक्सलियों को मार गिराया। छोटू की तलाश लंबे समय से की जा रही थी और उसके सिर पर पुलिस ने इनाम घोषित कर रखा था।
आईजी ऑपरेशन माइकलराज एस ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि इस कार्रवाई के बाद कहा जा सकता है कि झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) का लगभग सफाया हो गया है।
जानकारी के अनुसार, गुमला जिले के घने जंगलों में बीती रात पुलिस और जेजेएमपी उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि छोटू अपने साथियों के साथ इलाके में सक्रिय है। इसके बाद सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर दी।
जैसे ही सुरक्षा बल आगे बढ़े, उग्रवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और कई घंटों तक मुठभेड़ चली। आखिरकार तीन नक्सली मारे गए, जबकि बाकी जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल हो गए। घटनास्थल से पुलिस ने हथियार, कारतूस और नक्सली साहित्य बरामद किया है।
पुलिस के मुताबिक, मारे गए नक्सलियों में शामिल छोटू लंबे समय से इलाके में जेजेएमपी गतिविधियों को संचालित कर रहा था। उस पर कई आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें वसूली, फिरौती, गोलीबारी और पुलिस पर हमले जैसी वारदात शामिल हैं। उसके सिर पर इनाम भी घोषित किया गया था।
“झारखंड पुलिस ने लगातार आपरेशन चलाकर नक्सलवाद की कमर तोड़ी है। गुमला की इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि अब जेजेएमपी का खात्मा लगभग हो चुका है। हम बचा-खुचा नेटवर्क भी जल्द खत्म करेंगे।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में शांति बहाली और विकास कार्यों को बाधित करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद गुमला जिले और नक्सल प्रभावित इलाकों में आम लोगों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि नक्सली आए दिन वसूली और धमकी देते थे, जिससे वे परेशान रहते थे। अब उन्हें लगता है कि पुलिस की कार्रवाई के बाद हालात बदलेंगे।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों की प्रतिक्रिया
झारखंड सरकार ने इस ऑपरेशन की सराहना की है। अधिकारियों ने सुरक्षा बलों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार राज्य को नक्सलवाद मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस कदम का स्वागत किया और कहा कि नक्सलवाद का खात्मा विकास के रास्ते खोलने के लिए जरूरी है।

