उत्तर भारत के कई राज्यों में भीषण गर्मी से मिली राहत अब भारी तबाही में बदल गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान आंधी-तूफान, तेज बारिश और आकाशीय बिजली ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और झारखंड में व्यापक नुकसान पहुंचाया है। कई जिलों में लोगों की मौत हुई है, जबकि बिजली व्यवस्था, यातायात और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौसम के इस रौद्र रूप ने प्रशासन के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान और बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में करीब 25 लोगों की जान चली गई। रायबरेली में टिनशेड गिरने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि अंबेडकरनगर में आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की जान चली गई। सबसे अधिक नुकसान बुंदेलखंड क्षेत्र में हुआ, जहां बांदा, हमीरपुर, महोबा और उरई में कुल 10 लोगों की मौत दर्ज की गई। इसके अलावा मथुरा, उन्नाव, फतेहपुर, कौशांबी, प्रतापगढ़, आजमगढ़, बलिया, भदोही और देवरिया में भी अलग-अलग घटनाओं में लोगों की जान गई।
आगरा में कच्चे मकान की दीवार गिरने से एक रिक्शाचालक की मौत हो गई। वहीं सहारनपुर के सिद्धपीठ शाकंभरी देवी क्षेत्र में शिवालिक पहाड़ियों पर हुई मूसलाधार बारिश के बाद आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। तेज बहाव में बह जाने से दो महिलाओं की मौत हो गई।
मध्य प्रदेश में भी मौसम का कहर देखने को मिला। भिंड जिले में तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली के कारण तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। तूफान की वजह से मवेशियों और संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भी मौसम ने विकराल रूप दिखाया। तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र के चंद्रशिला में आकाशीय बिजली गिरने से लखनऊ से घूमने आए दो सगे भाइयों की मौत हो गई। इस दौरान इलाके में फंसे 45 से अधिक पर्यटकों को राहत एवं बचाव दलों ने सुरक्षित बाहर निकाला। तीन पर्यटकों के घायल होने की भी सूचना है।
राज्य के पौड़ी, टिहरी, कोटद्वार, रुड़की, हरिद्वार, विकासनगर और ऋषिकेश समेत कई क्षेत्रों में बिजली और पेयजल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई। रुड़की में 200 से अधिक पेड़ गिर गए और 80 से ज्यादा बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे पूरी रात बिजली गुल रही। विकासनगर में 73 बिजली पोल टूट गए और करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबी बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं ऋषिकेश में 50 से अधिक पेड़ गिरने के कारण लगभग 16 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
उधर झारखंड में भी आकाशीय बिजली ने कहर बरपाया। पिछले 24 घंटों के दौरान गढ़वा, रांची, धनबाद और बोकारो जिलों में बिजली गिरने की घटनाओं में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक किशोरी और दो महिलाएं भी शामिल हैं। हालांकि बारिश के कारण राज्य में लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और खुले मैदानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। लगातार बदलते मौसम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गर्मी से राहत के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

