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सिसोदिया ने भी किया जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत का बहिष्कार, ‘सत्याग्रह’ का ऐलान

दिल्ली की राजनीति में एक नया मोड़ सामने आया है, जहां आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने भी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल के कदमों पर चलते हुए जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है। सिसोदिया ने स्पष्ट किया कि वह न तो खुद अदालत में पेश होंगे और न ही उनकी ओर से कोई वकील उपस्थित होगा। उन्होंने इस कदम को ‘सत्याग्रह’ का नाम दिया है।

दरअसल, इससे एक दिन पहले अरविंद केजरीवाल ने भी जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ खुला पत्र लिखते हुए उनकी अदालत में पेश न होने का ऐलान किया था। उन्होंने भी इसे सत्याग्रह बताया और न्याय प्रक्रिया पर सवाल उठाए। यह पूरा मामला कथित शराब घोटाले से जुड़ा है, जिसकी सुनवाई फिलहाल अदालत में चल रही है। सीबीआई ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें केजरीवाल, सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को आरोपमुक्त किया गया था।

मनीष सिसोदिया ने अपने पत्र में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा पर हितों के टकराव और संभावित पक्षपात के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि जज के परिवार के सदस्यों का संबंध केंद्र सरकार के कानूनी पैनल से है, जिससे निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। सिसोदिया ने कहा कि ऐसी स्थिति में उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है, इसलिए सत्याग्रह ही उनके पास एकमात्र विकल्प बचा है।

वहीं, अरविंद केजरीवाल ने भी अपने पत्र में इसी तरह के आरोप लगाते हुए कहा था कि जज के परिवार के सदस्यों का संबंध सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से जुड़े मामलों से है, जिससे निष्पक्ष निर्णय पर असर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि महात्मा गांधी के बताए मार्ग पर चलते हुए उन्होंने सत्याग्रह का रास्ता चुना है।

इससे पहले, जब यह मामला अदालत में आया था, तब अरविंद केजरीवाल ने खुद पेश होकर विस्तृत दलीलें दी थीं, लेकिन जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। अदालत ने इसे केवल एक जज नहीं, बल्कि न्यायिक संस्था पर सवाल उठाने के रूप में देखा और मामले से अलग होने से इनकार कर दिया।

यह घटनाक्रम अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर आम आदमी पार्टी इसे न्याय की मांग का हिस्सा बता रही है, वहीं दूसरी ओर इस कदम को न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में क्या नया मोड़ आता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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