ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना क्षेत्र के बनवारीवास गांव में 15 वर्षीय छात्र गोपाल शर्मा की हत्या का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा है कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और इस अमानवीय घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि जेवर क्षेत्र के बनवारीवास गांव में हुई छात्र गोपाल शर्मा की हत्या बेहद दर्दनाक और पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि इस जघन्य अपराध में शामिल दरिंदों को उत्तर प्रदेश सरकार उनके अंजाम तक जरूर पहुंचाएगी। उन्होंने बताया कि घटना के जल्द खुलासे और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई को लेकर उन्होंने अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद और डीजीपी राजीव कृष्ण के साथ बैठक भी की है।
इस बीच जेवर से विधायक धीरेंद्र सिंह ने लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को पूरे मामले की जानकारी दी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। विधायक ने बताया कि पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। उन्होंने कहा कि परिवार को सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि न्याय भी मिलना चाहिए और दोषियों को कठोर सजा दी जानी चाहिए।
धीरेंद्र सिंह ने कहा कि कुछ लोग इस मामले को अनावश्यक रूप से तूल देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सरकार चाहती है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने जनता से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी गंभीरता से जांच कर रहा है और कोशिश यही है कि कोई निर्दोष फंसे नहीं तथा असली दोषियों को ही सजा मिले।
इस मामले में पुलिस ने अब तक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि साबौता रजवाहे के पास पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों के पैर में गोली लगी, जिन्हें इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नौवीं कक्षा में पढ़ने वाला छात्र गोपाल शर्मा 21 मई की शाम अचानक लापता हो गया था। इसके बाद परिवार और पुलिस उसकी तलाश में जुटे थे। अगले दिन 22 मई की रात करीब 10 बजे उसका शव पड़ोसी गांव रोही के एक बंद पड़े मकान से बरामद हुआ। घटना सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य संदिग्धों की तलाश भी जारी है। वहीं सरकार की ओर से यह साफ संकेत दिया गया है कि इस हत्याकांड में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

