राज्य के गोंडा जिले के छपिया इलाके में एक दुर्गा मूर्ति स्थल के पास पटाखा जलाने को लेकर दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प में कई लोग घायल हो गए. पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है.
छपिया के थानाध्यक्ष कृष्ण गोपाल राय ने गुरुवार को बताया कि मसकनवा कस्बे में बुधवार की देर रात दुर्गा प्रतिमा स्थापना के बाद आतिशबाजी को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद हो गया. इस पर हुई हिंसक झड़प में कई लोग घायल हो गये. इस मामले में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है.
राय के मुताबिक, तहरीर में आरोप लगाया गया कि बहुसंख्यक समुदाय के कुछ बच्चे दुर्गा पंडाल में प्रतिमा स्थापना के बाद करीब 50 मीटर दूर आतिशबाजी कर रहे थे।
बताया जाता है कि इसी दौरान पास में रहने वाले असलम, सुल्ताना और मुन्ना ने पटाखा जलाने का विरोध किया और ईंट-पत्थर चलाने लगे, देवी-देवताओं के खिलाफ अपशब्द कहते हुए बच्चों को मारने की नियत से दौड़ पड़े.
उन्होंने बताया कि तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया कि कस्बे के कुछ लोगों ने बीच-बचाव का प्रयास किया लेकिन आरोपियों ने अपने 15-20 साथियों को मौके पर बुला लिया और बहुसंख्यक वर्ग पर हमला कर दिया. इस घटना में लाली, राजेश, विकास, गणेश कमलापुरी, शिव प्रसाद व रोहन जयसवाल घायल हो गये.
थानाध्यक्ष ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. जिलाधिकारी नेहा शर्मा, पुलिस अधीक्षक विनीत जयसवाल और अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार रावत व राधेश्याम राय भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने रात भर लोगों को समझाकर मामला शांत कराया।

