चंदौली जिले के नौगढ़ वन क्षेत्र में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए नए साल की शुरुआत खुशखबरी लेकर आ सकती है। काशी वन्यजीव प्रभाग, रामनगर के प्रभागीय वनाधिकारी दिलीप श्रीवास्तव ने कर्मचारियों के कार्य विवरण और प्रमाण पत्र मांगे हैं, जिससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि विभाग इन कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन देने की योजना बना रहा है।
श्रमिकों की पात्रता तय करने के लिए वन विभाग ने एक विशेष समिति का गठन किया है। यह समिति श्रमिकों द्वारा मनरेगा, जायका योजना और अन्य विभागीय परियोजनाओं में किए गए कार्यों का गहन अध्ययन करेगी। उनके योगदान, कार्य अवधि और प्रस्तुत प्रमाणों के आधार पर यह निर्णय लिया जाएगा कि कौन से कर्मचारी न्यूनतम वेतन के पात्र होंगे।
प्रभागीय वनाधिकारी ने सभी रेंज अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे कर्मचारियों का विस्तृत ब्यौरा, जिसमें उनकी सेवा अवधि, परियोजनाओं में योगदान और प्रमाण शामिल हों, जल्द से जल्द प्रस्तुत करें। यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि योग्य श्रमिकों को नए साल में विभागीय लाभ का उपहार दिया जा सके।
इस पहल से दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों के जीवन में स्थिरता और आर्थिक सुरक्षा आएगी। वहीं, विभाग को भी कर्मचारियों से बेहतर कार्यक्षमता और प्रतिबद्धता की उम्मीद है। इस खबर से श्रमिकों में उत्साह देखा जा रहा है। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष विश्वनाथ यादव ने कहा, “हम लंबे समय से अपने परिश्रम से विभाग का सहयोग कर रहे हैं। यदि हमें न्यूनतम वेतन का यह लाभ मिलता है, तो यह हमारी मेहनत और लगन का वास्तविक सम्मान होगा।”अगर इस योजना पर अमल होता है, तो यह कर्मचारियों के जीवन को सकारात्मक दिशा में बदलने वाला कदम साबित होगा।

