सोमवार की रात समथर कस्बे में एक निजी समूह कंपनियों के कर्ज तले दबे सैलून के मालिक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक को मोंठ सीएचसी में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। उसने अपनी पत्नी के नाम पर कई कंपनियों से लोन लिया था, लेकिन वह किश्तें चुकाने में असमर्थ था। इन कंपनियों के एजेंट लगातार कर्ज की वसूली के लिए उस पर दबाव बना रहे थे, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था।
समथर कस्बे के मोहल्ला नई बस्ती निवासी संतराम सविता (45) पुत्र रामस्वरूप अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए हेयर कटिंग सैलून चलाता था। उसने अपनी पत्नी के नाम पर कई निजी समूह कंपनियों से कर्ज लिया था, लेकिन किश्तें समय पर नहीं चुका पाने के कारण वह कर्ज के दबाव में आ गया था। सोमवार रात करीब 8 बजे जब संतराम अकेला था, उसके पुत्र राजा दुकान पर था और पत्नी मायके गई हुई थी, तब उसने अपने घर की दूसरी मंजिल पर साड़ी से फांसी का फंदा बना लिया। परिजनों ने घर आकर देखा और उसे फांसी से उतारने की कोशिश की, फिर पुलिस को सूचित किया।
स्थानीय पुलिस और मोहल्ले वालों की मदद से उसे मोंठ सीएचसी लाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। संतराम का 19 वर्षीय पुत्र राजा दुकान में उसकी मदद करता था, जबकि उसकी बेटी शालू की शादी हो चुकी है। कुछ दिन पहले उसके साले की बीमारी से मौत हो गई थी, जिसके बाद उसकी पत्नी मायके चली गई थी। संतराम के माता-पिता पहले ही चल बसे थे। इस तरह का दूसरा मामला भी समथर क्षेत्र के ग्राम बसोबई में हुआ था, जहां एक व्यक्ति ने कर्ज के दबाव में आत्महत्या कर ली थी। संतराम के घर में ही कर्ज वसूली के लिए समूह की बैठकें होती थीं और एजेंट वहां आकर कर्ज की किश्तों की वसूली करते थे।

