एटा शहर में यातायात व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। शिकोहाबाद रोड चौराहा और अन्य प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक जाम अब एक सामान्य दृश्य बन गया है। एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहन भी घंटों जाम में फंसे रहते हैं, जिससे नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को और बढ़ाते हुए, यातायात पुलिस की निष्क्रियता देखी जा रही है।
शहर में यातायात पुलिस अपने कर्तव्यों को निभाने के बजाय मोटरसाइकिलों पर बैठकर मोबाइल पर व्यस्त रहती है। वहीं, पीआरडी और होमगार्ड के जवान कठिनाई के बावजूद जाम को खोलने की कोशिश करते हुए नजर आते हैं। जीटी रोड, माया पैलेस, रोडवेज और कचहरी मोड़ जैसे प्रमुख चौराहों पर यातायात की पूरी जिम्मेदारी इन जवानों के कंधों पर है।
हाल ही में एटा में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जब एक ही मोटरसाइकिल पर छह लोग सवार होकर मुख्य मार्ग पर घूमते हुए दिखाई दिए। यह घटना यातायात पुलिस की उपस्थिति में हुई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। वायरल वीडियो में यह भी देखा गया कि बाइक के पीछे ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी चल रही थी, लेकिन वे पूरी तरह से चुप थे।
यह घटना न केवल यातायात पुलिस की उदासीनता को उजागर करती है, बल्कि सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय निवासी अर्जुन कुमार का कहना है कि पुलिस ट्रैफिक नियमों को लागू करने और जाम को खोलने की बजाय अवैध वसूली में व्यस्त रहती है।

