दुनिया भर में क्रिसमस का त्यौहार खुशी और उल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर सेंटाक्लॉज ने बच्चों को तोहफे भी दिए, लेकिन प्रयागराज में जहां महाकुंभ की धूम मची हुई थी, वहीं क्रिसमस के दिन बच्चों को डस्टबिन और जूट के थैले वितरित किए गए। यह आयोजन खास था, क्योंकि इसके पीछे एक महत्वपूर्ण संदेश छिपा था।
क्रिसमस पर जहां आमतौर पर चॉकलेट और गिफ्ट्स दिए जाते हैं, वहीं प्रयागराज में इस बार बच्चों को डस्टबिन और जूट के बैग दिए गए। यह नगर निगम द्वारा शुरू किए गए “स्वच्छता महाकुंभ अभियान” का हिस्सा था। इस मौके पर कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया, जिसमें शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने का संदेश दिया गया। बच्चों ने भी इस नाटक में हिस्सा लिया और उनके डांस की प्रस्तुति ने सभी का दिल छू लिया।
कार्यक्रम के दौरान नगर निगम ने बच्चों और नागरिकों को डस्टबिन, जूट और कपड़े के बैग वितरित कर उन्हें स्वच्छता अपनाने और प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने की अपील की। इस अवसर पर महापौर गणेश केसरवानी ने लोगों को स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया और शहर को साफ रखने के लिए नगर निगम के प्रयासों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने यह भी कहा कि यह सात दिवसीय महाभियान शहर के प्रत्येक नागरिक को जोड़ने के लिए शुरू किया गया है।
महापौर केसरवानी ने सुभाष चौराहे से “स्वच्छता महाकुंभ” एलईडी वैन को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की। यह अभियान महाकुंभ 2025 की भव्यता और स्वच्छता को बढ़ाने के लिए चलाया जा रहा है।

