उत्तर प्रदेश में 2025 के महाकुंभ के आयोजन की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं, और इस बार सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस कड़ी में, उत्तर प्रदेश अग्निशमन और आपात सेवा विभाग ने मेला क्षेत्र में चार अत्याधुनिक आर्टिकुलेटिंग वॉटर टावर (एडब्ल्यूटी) तैनात करने की योजना बनाई है। इन टावरों का उद्देश्य मेला क्षेत्र में स्थित टेंट सिटी और बड़े टेंट सेटअप में आग लगने से रोकना है। एडब्ल्यूटी को विशेष रूप से अग्नि सुरक्षा और दमकलकर्मियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया है।
इन आर्टिकुलेटिंग वॉटर टावरों में वीडियो और थर्मल इमेजिंग कैमरे जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। इनकी मदद से अग्नि जनित घटनाओं का पता लगाना और प्रभावी तरीके से आग पर काबू पाना संभव होगा। साथ ही, यह दमकलकर्मियों को उच्चतम स्तर की सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम हैं, जिससे वे जोखिम भरे ऑपरेशन्स को सुरक्षित तरीके से कर सकेंगे।
महाकुंभ के आयोजन को ध्यान में रखते हुए, कुल 131.48 करोड़ रुपये की लागत से वाहन और उपकरण मेला क्षेत्र में तैनात किए जा रहे हैं। इसके तहत 66.75 करोड़ रुपये का बजट आग से संबंधित सुरक्षा के लिए आवंटित किया गया है। इसके अतिरिक्त, 351 से अधिक अग्निशमन वाहन, 2000 से ज्यादा प्रशिक्षित कर्मचारी, 50 से ज्यादा अग्निशमन केंद्र और 20 फायर पोस्ट बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृष्टिकोण के अनुसार, इस बार महाकुंभ में हर अखाड़े के टेंट्स को अग्नि सुरक्षा उपकरणों से लैस किया जाएगा, ताकि मेला क्षेत्र को अग्नि दुर्घटनाओं से पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके।

