लखनऊ नगर निगम ने राजधानी में बढ़ती यातायात और पार्किंग की समस्याओं के समाधान के लिए एक नई योजना शुरू की है। इस योजना के तहत, सड़क पर पार्किंग सुविधा प्रदान करने वाले स्कूलों, मॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से शुल्क लिया जाएगा।
नगर निगम ने इन प्रतिष्ठानों का सर्वेक्षण आरंभ कर दिया है, खासकर उन इलाकों में, जहां सड़क पर पार्किंग की समस्या गंभीर रूप से बढ़ रही है। इस पहल के अंतर्गत, सड़क पर पार्किंग के लिए शुल्क की सीमा 20,000 से 50,000 रुपये प्रति माह तय की गई है। यह शुल्क सालाना आधार पर लागू होगा।
इस योजना से नगर निगम को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा, जिसे शहर के विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के कार्यों में उपयोग किया जाएगा। साथ ही, सड़क पर अनियंत्रित पार्किंग के कारण होने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने में भी मदद मिलेगी।
लखनऊ में सड़क पर गाड़ियों के खड़े होने से आए दिन यातायात बाधित होता है। नगर निगम का मानना है कि इस कदम से नागरिकों को इस समस्या से राहत मिलेगी और यातायात व्यवस्था अधिक सुचारू हो सकेगी। इस पहल का उद्देश्य न केवल ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाना है, बल्कि शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाना भी है

