Posted By : Admin

महाकुंभ 2025: सीएम योगी ने ‘शाही स्नान और पेशवाई’ को नया नाम दिया, अब क्या कहा जाएगा ?

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ 2025 के आयोजन की तैयारियों के बीच एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने महाकुंभ के दौरान इस्तेमाल होने वाले दो शब्दों – ‘शाही स्नान’ और ‘पेशवाई’ को बदलकर नए नाम दिए हैं। अब ‘शाही स्नान’ को ‘अमृत स्नान’ और ‘पेशवाई’ को ‘नगर प्रवेश’ के रूप में जाना जाएगा। यह नए नाम सनातन परंपराओं से प्रेरित हैं, जबकि पहले के शब्द फारसी भाषा के थे।

प्रयागराज शहर का कायाकल्प लगभग पूरा
प्रयागराज मेला प्राधिकरण के आईसीसीसी सभागार में समीक्षा बैठक के बाद सीएम योगी ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि प्रकृति और भगवान की कृपा से महाकुंभ का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो, इसके लिए आज यहां बैठक हुई है। उन्होंने बताया कि प्रयागराज शहर का कायाकल्प लगभग पूरा हो चुका है। 200 से अधिक सड़कों का निर्माण किया गया है, जिन्हें सिंगल से डबल लेन, डबल लेन से फोर लेन, और फोर लेन से सिक्स लेन में बदला गया है। 14 फ्लाईओवर या आरओबी में से 13 पूरे हो चुके हैं और एक अंतिम चरण में है। शहर के अंदर सुंदरता बढ़ाने के लिए कई कार्य किए गए हैं। रेलवे स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया के साथ-साथ पार्किंग स्थल भी तैयार किए गए हैं। इन पार्किंग स्थलों पर चौकियां, सुरक्षा व्यवस्था और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था भी की गई है।

महाकुंभ के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु उत्सुक
सीएम ने बताया कि 2019 में पांटून ब्रिज की संख्या 22 थी, जिसे इस बार बढ़ाकर 30 किया गया है, और इनमें से 28 तैयार हो चुके हैं। दो अन्य अगले कुछ दिनों में बनकर तैयार होंगे। 12 किलोमीटर लंबा अस्थाई घाट तैयार किया जा रहा है और अरैल की ओर एक पक्का घाट भी बनाया जा रहा है। लगभग 530 किलोमीटर चेकर्ड प्लेट बिछाई जा चुकी है और 450 किलोमीटर लंबी शुद्ध पेयजल पाइपलाइन भी लगाई जा चुकी है। मेला क्षेत्र लगभग पूरी तरह तैयार हो चुका है, और अब तक 7000 से अधिक संस्थाएं आ चुकी हैं। डेढ़ लाख से अधिक टेंट लगाए गए हैं। देश और दुनिया से लोग इस महाकुंभ को देखने के लिए उत्सुक हैं। यह धार्मिक और आध्यात्मिक समागम हर कोई अपनी आंखों से देखना चाहता है। उन्होंने कहा कि 144 वर्षों के बाद महाकुंभ का यह विशेष मुहूर्त आ रहा है, और डबल इंजन सरकार इस आयोजन की तैयारी युद्धस्तर पर कर रही है।

मुख्य स्नान पर कोई प्रोटोकॉल नहीं होगा
सीएम योगी ने कहा कि 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा का पहला स्नान होगा, और मकर संक्रांति (14 जनवरी) को दूसरा स्नान, जिसे ‘अमृत स्नान’ कहा जाएगा। 29 जनवरी को मौनी अमावस्या का स्नान होगा, जो मुख्य स्नान में से एक है, और इस दिन लगभग 6 से 8 करोड़ श्रद्धालु यहां पहुंचने का अनुमान है। इसके अलावा 3 फरवरी को बसंत पंचमी, 12 और 26 फरवरी को दो अतिरिक्त स्नान होंगे, जिससे कुल छह स्नान होंगे। मुख्य स्नान के दिनों में किसी भी तरह का प्रोटोकॉल नहीं होगा। प्रमुख स्नान अवसरों पर श्रद्धालुओं और संतों का स्वागत पुष्पवर्षा से किया जाएगा

Share This