मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में ठंड के मौसम को देखते हुए आमजन की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शीतलहर चल रही है और यह समय बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए विशेष सतर्कता का है। उन्होंने बताया कि सर्दी, खांसी और श्वांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने की संभावना है, ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को हर प्रकार की चिकित्सा सुविधाएं बेहतर ढंग से मिलें। जांच प्रक्रियाओं से लेकर दवाओं की उपलब्धता तक, हर व्यवस्था सुचारु और प्रभावी होनी चाहिए ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पतालों में मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त स्टाफ और संसाधन मौजूद रहें।
महाकुंभ में तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि सभी सेक्टरों में चिकित्सा सुविधाओं की पुख्ता व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस सेवाएं हर समय उपलब्ध रहें और किसी भी मौसमी बीमारी जैसे सर्दी, खांसी, बुखार या अन्य गंभीर समस्याओं से पीड़ित लोगों को तुरंत उपचार मिले। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें सभी सेक्टरों में नियमित रूप से भ्रमण करें और जरूरतमंदों की सहायता सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य तंत्र को इस चुनौतीपूर्ण समय में तत्पर रहने की हिदायत दी और कहा कि मरीजों की मदद के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। उनका कहना था कि सर्दियों के इस मौसम में खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम जरूरी हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

