सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए आसाराम को पैरोल पर रिहा करने के फैसले के बाद शाहजहांपुर जिले में पीड़िता के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पीड़िता के पिता ने इस फैसले पर हैरानी जताई और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है।
अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) संजय कुमार सागर ने जानकारी दी कि आसाराम की रिहाई के बाद वे खुद पीड़िता के घर गए और उसके परिजनों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि पीड़िता के घर पर पहले से एक पुलिस गार्ड तैनात है और पीड़िता के पिता को एक सशस्त्र सुरक्षाकर्मी भी उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा, सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जा रही है। स्थानीय थाना और क्षेत्राधिकारी को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
सागर ने बताया कि पीड़िता के घर और आसपास के खराब सीसीटीवी कैमरों को ठीक करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, पीड़िता के पिता को घर से बाहर जाने से पहले पुलिस को सूचित करने के लिए कहा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला संवेदनशील है, इसलिए पीड़िता के परिवार की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पीड़िता के पिता ने आसाराम को पैरोल दिए जाने पर गहरी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि इस खबर से उनका मन विचलित हो गया है और अब उन्हें अपने परिवार की सुरक्षा की ज्यादा चिंता सताने लगी है।
पिता ने दावा किया कि जब आसाराम जेल में था, तब भी चार गवाहों – राजकोट के अमृत प्रजापति, अखिल गुप्ता (रसोईया), लखनऊ के राहुल सचान, और शाहजहांपुर के कृपाल सिंह – की हत्या कर दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि आसाराम ने जेल से ही उनके खिलाफ जम्मू, जोधपुर, दिल्ली, और सूरसागर में झूठे मुकदमे दर्ज करवाए। इसके अलावा, दो गवाह – भोलानंद और सुरेशानंद – अब तक लापता हैं।
पीड़िता के पिता ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि जब नाबालिग से दुष्कर्म के मामलों में सख्त कानून बनते हैं और फांसी की सजा तक का प्रावधान है, तो आसाराम के मामले में बार-बार न्यायालय की उदारता क्यों दिखाई जा रही है।
गौरतलब है कि शाहजहांपुर की रहने वाली एक नाबालिग से 2013 में जोधपुर स्थित अपने आश्रम में आसाराम ने दुष्कर्म किया था। इस मामले में दिल्ली में दर्ज शिकायत के बाद कोर्ट ने आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि, अब सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य कारणों से उसे 31 मार्च 2025 तक पैरोल पर रिहा कर दिया है।

