उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को महाकुंभ मेला 2025 की शुरुआत पर अपनी शुभकामनाएं दीं और इसे संस्कृतियों का संगम तथा अनेकता में एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने इस पर्व को भारत की अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर और आध्यात्मिक जागरण का माध्यम मानते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला।
पौष पूर्णिमा के अवसर पर प्रयागराज में महाकुंभ मेला प्रारंभ हो गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ ने संगम और गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। मेला अधिकारी के अनुसार, सुबह आठ बजे तक 40 लाख से अधिक लोगों ने पवित्र स्नान किया। यह संख्या हर साल बढ़ती जा रही है, जो महाकुंभ के प्रति आस्था और श्रद्धा को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए महाकुंभ के शुभारंभ की बधाई दी। उन्होंने लिखा कि महाकुंभ का आयोजन दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समागम के रूप में हो रहा है। यह आयोजन श्रद्धालुओं को न केवल आस्था के साथ जोड़ेगा, बल्कि ‘अनेकता में एकता’ का संदेश भी फैलाएगा। उन्होंने कहा कि यह अवसर हम सभी को यह एहसास कराता है कि हमारे विविध सांस्कृतिक और धार्मिक पहलुओं के बावजूद, हम सभी एक ही उद्देश्य की ओर अग्रसर हैं – मानवता का कल्याण।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि महाकुंभ न केवल धार्मिक आस्थाओं को मजबूत करने का अवसर है, बल्कि यह एकता, शांति और समरसता की भावना को भी बढ़ावा देता है। उन्होंने सभी संतों, श्रद्धालुओं और कल्पवासियों का स्वागत किया और आशा व्यक्त की कि यह पवित्र आयोजन सभी की मनोकामनाओं को पूरा करेगा। महाकुंभ का यह आयोजन सनातन संस्कृति की गौरवमयी धारा को जीवित रखता है और लोगों को आध्यात्मिकता की ओर प्रेरित करता है।

