झांसी रेलवे स्टेशन पर कुंभ मेले के लिए जा रहे यात्रियों के बीच अचानक भगदड़ मच गई। हालांकि, गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। इस घटना ने रेलवे प्रशासन की कार्यशैली और लापरवाही को उजागर कर दिया।
मेला स्पेशल ट्रेन पहले प्लेटफार्म नंबर 6 से रवाना होने वाली थी। लेकिन ट्रेन के रवाना होने से कुछ मिनट पहले अचानक प्लेटफार्म नंबर 8 का ऐलान कर दिया गया। इस अचानक बदलाव से यात्रियों में हड़कंप मच गया। हजारों यात्री अपने सामान के साथ प्लेटफार्म 6 से प्लेटफार्म 8 की ओर दौड़ने लगे, जिससे अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई।
इस भगदड़ के दौरान कुछ यात्री प्लेटफार्म पर गिर गए, वहीं एक महिला और एक पुरुष ट्रैक पर भी गिर पड़े। स्थिति बिगड़ने से पहले ही यात्रियों ने मिलकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रेलवे प्रशासन ने इस घटना पर सफाई देते हुए कहा कि स्थिति अब पूरी तरह सामान्य है। झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने जानकारी दी कि हादसे में किसी यात्री को कोई चोट नहीं आई है। उनका कहना था कि प्लेटफार्म बदलने का निर्णय रेलवे संचालन के कारण लिया गया था।
हालांकि, यात्रियों का कहना है कि रेलवे प्रशासन को पहले से बेहतर योजना बनानी चाहिए थी। अचानक प्लेटफार्म बदलने के कारण कई यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रेन पकड़ने के चक्कर में कई लोग अपने सामान तक को सही तरीके से संभाल नहीं पाए।
यह घटना रेलवे प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती है, जहां यात्रियों की सुरक्षा से समझौता किया गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। लेकिन इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर रेलवे प्रशासन कितनी गंभीरता से काम कर रहा है।

