लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने बुधवार को भरवारा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का औचक निरीक्षण किया, जिससे शहर की जल और सीवेज प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। इस निरीक्षण के दौरान महापौर के साथ नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भी मौजूद थी।
महापौर ने प्लांट के विभिन्न हिस्सों का बारीकी से अवलोकन किया और उसकी कार्यक्षमता, उपलब्ध संसाधनों एवं भविष्य की आवश्यकताओं पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को प्लांट की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। महापौर ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या और शहर के विकास को देखते हुए प्लांट की क्षमता को और बेहतर बनाना आवश्यक है। साथ ही, यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएं कि सीवेज का सही तरीके से शोधन हो और शोधित जल की गुणवत्ता उच्च मानकों के अनुरूप बनी रहे।
निरीक्षण के दौरान महापौर के साथ अपर नगर आयुक्त ललित कुमार, जलकल महाप्रबंधक कुलदीप सिंह, जलकल अधिशासी अभियंता विकास, प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजेश मटपाल, सूएज इंडिया के प्रोजेक्ट मैनेजर अश्विनी डोगरा और उनकी टीम भी शामिल थी। इसके अतिरिक्त जल निगम के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
टीम ने प्लांट में लगे उपकरणों की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया, और महापौर ने अधिकारियों को नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि प्लांट की दक्षता प्रभावित न हो। उन्होंने कर्मचारियों से भी बातचीत की और उनकी समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया।
सूएज इंडिया की टीम ने निरीक्षण के दौरान प्लांट के तकनीकी पहलुओं पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी और महापौर एवं अधिकारियों को भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया। महापौर ने निर्देश दिया कि प्लांट की क्षमता और दक्षता को बढ़ाने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाए।
इस अवसर पर महापौर ने पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए कहा कि नगर निगम का उद्देश्य शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है, साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने जलकल विभाग को नियमित निरीक्षण करने और समय-समय पर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। महापौर का मानना है कि इस पहल से शहर की स्वच्छता में सुधार होगा और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

