Posted By : Admin

बहराइच के खेतों में तेंदुए का आतंक, आठ साल की बच्ची को अपना शिकार बनाया

बहराइच जिले के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के तमोलिनपुरवा गांव में बुधवार को तेंदुए के हमले में आठ साल की बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। यह गांव जंगल से सटा हुआ है और घटना के समय बच्ची अपने माता-पिता के साथ खेत में थी।

ग्रामीणों के अनुसार, बैजनाथ अपनी पत्नी और बेटी शालिनी के साथ खेत में काम करने गए थे। उनके साथ गांव की कुछ और बच्चियां भी थीं। बैजनाथ और उनकी पत्नी काम में व्यस्त थे, जबकि शालिनी पास ही खेल रही थी। तभी गन्ने के खेत में छिपे तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। उसने शालिनी को गर्दन से पकड़ लिया और घसीटते हुए जंगल की ओर ले जाने लगा।

शालिनी की मां ने यह देखा तो चीखते हुए शोर मचाया। आस-पास खेतों में काम कर रहे लोग भी आवाज सुनकर लाठी-डंडे और फावड़े लेकर दौड़े। शोरगुल से घबराकर तेंदुआ बच्ची को वहीं छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। हालांकि, जब तक लोग शालिनी के पास पहुंचे, उसकी मौत हो चुकी थी।

सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) बी. शिवशंकर ने बताया कि पीड़ित परिवार को तात्कालिक सहायता के रूप में 10,000 रुपये दिए गए हैं। शासन से मिलने वाली अन्य सहायता औपचारिकताओं और जांच पूरी होने के बाद दी जाएगी।

वन विभाग की टीमों को तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तैनात कर दिया गया है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और समूह में खेतों में काम करने की सलाह दी गई है। तेंदुए को पकड़ने के लिए घटना स्थल के पास एक पिंजरा भी लगाया गया है।

गौरतलब है कि इसी वन्यजीव प्रभाग के रमपुरवा बनकटी गांव में 10 दिन पहले भी एक तेंदुए ने सात साल की बच्ची पर हमला किया था। वह बच्ची अपने घर के आंगन में सो रही थी। ग्रामीणों के पीछा करने पर तेंदुआ घायल बच्ची को छोड़कर भाग गया था। उस बच्ची का अब भी जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।

Share This